चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी का सियासत विस्तार:बिहार से बाहर चिराग की सियासत:

khabar pradhan

संवाददाता

12 January 2026

अपडेटेड: 9:58 PM 0thGMT+0530

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी का सियासत विस्तार:बिहार से बाहर चिराग की सियासत:



चिराग की लोकजनशक्ति पार्टी का  पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव लड़ने का फैसला:

लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उस सियासी प्लान की, जो बिहार से निकलकर अब पूर्वोत्तर और बंगाल तक पहुंच चुका है…दरअसल,लोकजनशक्ति पार्टी को अब चिराग पासवान बिहार तक सीमित नहीं रहना चाहते… पार्टी के विस्तार की रणनीति के तहत उन्होंने पहली बार पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव लड़ने का फैसला किया है…

दरअसल, पार्टी विस्तार का सपना चिराग पासवान के पिता और दिग्गज नेता रामविलास पासवान भी देखते थे… झारखंड इसका उदाहरण है…

रामविलास पासवान ने भी लड़ा था झारखंड का विधानसभा चुनाव:

झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में चिराग पासवान ने शुरुआत में 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर सियासी दबाव बना दिया था… नतीजा ये हुआ कि बीजेपी को गठबंधन बचाने के लिए समझौता करना पड़ा… लोजपा-आर को एक सीट मिली और उस सीट पर पार्टी ने 100 फीसदी स्ट्राइक रेट दिखाया… चतरा सीट से जनार्दन पासवान ने आरजेडी उम्मीदवार को 18 हजार से ज्यादा वोटों से हराया… इससे पहले नगालैंड विधानसभा चुनाव 2023 में भी चिराग पासवान की किस्मत चमकी… महज 16 सीटों पर चुनाव लड़कर पार्टी ने 2 सीटें जीतीं और 8.6 फीसदी वोट के साथ स्टेट पार्टी का दर्जा हासिल कर लिया।

हालांकि, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी को झटका लगा… देवली सीट से लोजपा-आर उम्मीदवार दीपक तंवर आम आदमी पार्टी से बुरी तरह हार गए… अब सवाल ये है कि पश्चिम बंगाल और असम क्यों? यहां बिहारियों की बड़ी आबादी है, दलित राजनीति की जमीन भी मजबूत है… और चिराग पासवान को यहां से राष्ट्रीय पहचान बनाने का मौका दिख रहा है।
फिलहाल लोजपा-आर को बिहार और नागालैंड में स्टेट पार्टी का दर्जा मिला है।  अगर पश्चिम बंगाल या असम में पार्टी मजबूत प्रदर्शन करती है, तो राष्ट्रीय पार्टी बनने का रास्ता आसान हो सकता है… अब देखना दिलचस्प होगा कि चिराग पासवान एनडीए के साथ मैदान में उतरते हैं या फिर अकेले अपनी सियासी ताकत आजमाते हैं।

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