ईडी की रेड के बाद ममता बनर्जी का सियासी ड्रामा:
संवाददाता
12 January 2026
अपडेटेड: 9:59 PM 0thGMT+0530
पश्चिम बंगाल में ईडी की रेड के बाद ममता बनर्जी का सुप्रीम ड्रामा:
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट पर ममता बनर्जी पर लगाए आरोप:
ED की रेड के बाद बंगाल की सियासत उबाल पर है. …मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है…दरअसल,SIR को लेकर ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक बार फिर पत्र लिखा है। ये कोई पहला या दूसरा नहीं, बल्कि पांचवां पत्र है… और इस बार भी आरोप वही आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, वोटरों को बेवजह डराया जा रहा है और उनके अधिकार छीने जा रहे हैं… दरअसल, इससे पहले शनिवार को ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्त को एक तीन पेज का लेटर लिखा था… उस पत्र में उन्होंने कई तीखे सवाल उठाए थे जैसे अमर्त्य सेन, जय गोस्वामी, मोहम्मद शमी और देव को हियरिंग नोटिस क्यों भेजे गए? SIR प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर हुई 77 मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? अब अपने ताजा पत्र में मुख्यमंत्री ने एक नया और गंभीर आरोप लगाया है… ममता बनर्जी का कहना है कि कि वोटर अपनी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कर रहे हैं, लेकिन न तो उन्हें सही रसीद दी जा रही है…और न ही उनके दस्तावेज सिस्टम में स्वीकार किए जा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने बताया साजिश:
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि बाद में वही दस्तावेज “Not Found” बताए जा रहे हैं या फिर कहा जा रहा है कि वे रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं हैं…और इसी आधार पर लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं… ममता बनर्जी ने इसे सीधे तौर पर वोटर को वंचित करने की साजिश बताया है और चुनाव आयोग से आम लोगों को परेशान करना बंद करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने हियरिंग नोटिस को लेकर भी बड़ा सवाल उठाया है… उन्होंने पूछा कि अगर माता-पिता और बच्चों की उम्र में 18–19 साल का अंतर है, तो हियरिंग के लिए बच्चों को ही क्यों बुलाया जा रहा है?… शनिवार को लिखे गए पत्र के आखिर में ममता बनर्जी ने हाथ से दो लाइनें भी लिखीं उन्होंने लिखा कि हमें नहीं लगता कि हमें इस लेटर का जवाब मिलेगा।
विपक्ष के नेता सुरेंद्र अधिकारी भी आए सामने:
अब इस पूरे विवाद में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी आ चुके हैं… उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को काउंटर लेटर लिखा है… सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में फ्री और फेयर चुनाव के लिए SIR बेहद जरूरी है…उन्होंने मुख्यमंत्री के उस दावे को सिरे से खारिज किया, जिसमें SIR प्रक्रिया से 77 मौतों को जोड़ा गया था।
ममता बनर्जी ने पूर्व में भी लिखा था चुनाव आयोग को पत्र:
ममता बनर्जी इससे पहले भी 20 नवंबर, 2 दिसंबर, 3 जनवरी और 10 जनवरी को चुनाव आयोग को पत्र लिख चुकी हैं… अब साफ है कि SIR मुद्दा चुनावी अखाड़े में पूरी तरह उतर चुका है… ममता बनर्जी इसे बीजेपी और चुनाव आयोग दोनों के खिलाफ हथियार बना रही हैं…हालांकी ये बात टीएमसी और ममता बैनर्जी और पूरा विपक्ष इस बात को अच्छे से जानता है कि एसआईआर को मुद्दा बनाना और चुनाव आयोग को टारगेट करना सिर्फ और सिर्फ अंधेरे में तीर मारने जैसा है..क्योंकि बिहार में राहुल गांधी ने ये पैंतरा पहले भी अपनाया था और नतीजा क्या निकला वो हम सबने देखा…ऐसे में भाजपा के पास विपक्ष के इस नैरेटिव का एक मास्टर काउंटर है और वो है घुसपैठियों की पहचान करना और उन्हें देश से बाहर निकालना।
सवाल तो ये है कि क्या SIR सच में वोटरों को परेशान कर रहा है…या फिर ये सिर्फ चुनाव से पहले का सियासी दांव है….