भोपाल नगर निगम परिषद में हुआ हंगामा– महापौर से मांगा इस्तीफा:
संवाददाता
13 January 2026
अपडेटेड: 6:09 PM 0thGMT+0530
भोपाल के नगर निगम परिषद में हुआ भारी हंगामा – दूषित पानी को लेकर महापौर से मांगा इस्तीफा:
भोपाल के नगर निगम परिषद में आज आईएसबीटी सभागार में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें विकास कार्यों पर चर्चा आयोजित थी।
किंतु इस बैठक ने विकास पर चर्चा के बजाय एक हंगामा का रूप ले लिया जिसमें राजनीतिक खींचतान दिखाई दी।
जैसे ही बैठक शुरू हुई इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुछ पार्षदों ने दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर नगर निगम प्रशासन और महापौर को कटघरे में खड़ा किया। कुछ पार्षदों ने शहर में बढ़ रहे गो हत्या के मामले और दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर सवाल जवाब किया और महापौर से इस्तीफा की मांग कर डाली।
बैठक शुरू होते ही माहौल एकदम गर्मा गया। वार्ड नंबर 12 से भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने अपनी ही परिषद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर में संचालित हो रहे अवैध बूच़डखानों को तत्काल बंद करने की मांग की और अपना विरोध दर्शाने के लिए उन्होंने अपनी जैकेट पर ‘ स्लॉटर हाउस बंद करो ‘ के पंपलेट चिपका कर सदन पहुंचे।
गोमांस के धंधे की उच्च स्तरीय जांच हेतु पटवारी ने की मांग:
कल सोमवार को कांग्रेस ने गौ हत्या किसान वर्ष और दूषित पानी को लेकर भाजपा सरकार को जमकर घेरा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस वार्ता में यह आरोप भी लगाया कि मुख्यमंत्री विज्ञापनों में स्वयं को किसान पुत्र बताते हैं, लेकिन उनकी सरकार में गौ हत्या और गो मास का धंधा तेजी से चल रहा है। किसान लगातार कर्ज में मर रहा है और भाजपा गो राजनीति कर रही है। लेकिन उसकी असलीयत भोपाल और इंदौर की नगर निगम गौशाला में मौतें साफ दिखाई देती है।
उन्होंने भोपाल में संचालित हो रहे स्लॉटर हाउस में गो मांस की उच्च स्तरीय जांच की मांग की । इसके अलावा इंदौर नगर निगम गौशाला में 15 गायों की मौत की भी न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने गो मांस पर जीरो प्रतिशत जीएसटी को तत्काल वापस लेने हेतु आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी गौशालाओं और निर्वासित गोवंश पर श्वेत पत्र जारी किया जाए।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि भोपाल नगर निगम भाजपा के अधीन है और उसके स्लॉटर हाउस में गाय के मांस के अवशेष मिले हैं। सच्चाई यह है कि भाजपा की सोच और सरकार इस पूरे व्यापार में शामिल है।