अगस्त्यमुनि मैदान में प्रशासन और जनता आमने-सामने:

khabar pradhan

संवाददाता

15 January 2026

अपडेटेड: 8:15 PM 0thGMT+0530

अगस्त्यमुनि मैदान में प्रशासन और जनता आमने-सामने:



अगस्त्यमुनि महाराज की भूमि को सरकार से छुड़ाने हेतु आंदोलन:


स्टेडियम के निर्माण को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन:
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में आज यानी गुरुवार 15 जनवरी को प्रशासन और आम जनता आमने-सामने आ गए। यहां अगस्त्यमुनि मैदान में सरकार की तरफ से स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। स्थानीय लोग यहां स्टेडियम बनाए जाने का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। कई लोग इसके खिलाफ धरने पर भी बैठे हैं। आज स्थानीय लोगों ने यहां हथोड़ा और अन्य औजार लेकर मैदान के बाहर बने गेट के आर्च को तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस प्रशासन और आम लोगों के बीच जमकर विवाद हुआ।

विवाद का मुख्य कारण:
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उत्तराखंड में धार्मिक आस्था, मान्यताओं ,परंपराओं का मजाक उड़ाया जा रहा है।  क्योंकि कोई भी देवी देवता की जल विग्रह डोली यात्रा पर  दरवाजे में प्रवेश निषेध होती है।‌ मुनि महाराज के अगस्त मुनि मैदान में डोली खुले मैदान में जाती है ना कि गेट के अंदर से।
रुद्रप्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केदारनाथ हाईवे पर अगस्त मुनि महाराज की डोली को मंदिर से रवाना होकर मुनि महाराज के मैदान अगस्त मुनि में जाना था ।‌जहां सैकड़ो की संख्या में भक्ति डोली का इंतजार करते रहे । लेकिन मैदान का गोल गेट होने के कारण डोली ने अंदर प्रवेश नहीं किया।
मंदिर के पदाधिकारी का कहना है कि 15 सालों बाद इस यात्रा का आयोजन किया गया है ‌ । इसको लेकर प्रशासन को पहले सूचना दे दी गई थी । लेकिन प्रशासन ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।  जिस कारण मुनि महाराज को केदारनाथ हाईवे पर यह आंदोलन करना पड़ गया।

दरअसल मकर संक्रांति के पावन अवसर पर केदारनाथ हाईवे पर स्थित अगस्त्यमुनि में अगस्त्य ऋषि की डोली के साथ सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। डोली को मंदिर से रवाना होकर अगस्त्य ऋषि के मैदान अगस्त्यमुनि जाना है। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु वहां पर डोली का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मैदान का गेट ऊपर से बंद होने (आर्क होने) के कारण डोली अंदर प्रवेश नहीं कर पा रही है।

इस पर लोगों ने गेट के ऊपर बने आर्क को स्वयं ही तोड़ना शुरू कर दिया, जिसको लेकर उनकी प्रशासन के साथ झड़प हुई। प्रशासन की तरफ से तोड़फोड़ की इस कार्रवाई को रोकने की कोशिश की जा रही है। लोगों का कहना है कि यह उनकी आस्था का मामला है, लेकिन सरकार की तरफ से उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।डोली समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि 15 साल बाद अगस्त्य ऋषि की डोली यात्रा का आयोजन किया गया है। इसको लेकर प्रशासन को पहले से ही सूचना दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। सरकार अगस्त्यमुनि मैदान में स्टेडियम बना रहा है, स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि यह भूमि अगस्त्य ऋषि के मंदिर की है और प्रशासन अवैध रूप से यहां पर निर्माण कर रहा है।

कल यानी बुधवार 14 जनवरी को भी डोली यहां पहुंची थी, लेकिन गेट की वजह से डोली अंदर नहीं जा सकी। मैदान में गेट लगा होने के कारण डोली नाराज होकर लौट गई। लोग डोली को मनाने के लिए जुटे, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। बाद में नाराज होकर डोली वापस मंदिर में लौट गई। स्थानीय लोग लगातार डीएम के संपर्क में हैं और वह पुलिस प्रशासन व एसडीएम पर मामले को ठीक तरीके से हैंडल नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं।

इस यात्रा के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु डोली के साथ चल पड़े ।‌मुख्य द्वार पर गोल गेट होने के कारण डोली इस मार्ग से प्रवेश नहीं कर सकी।‌ जिससे हजारों की संख्या में श्रद्धालु और राहगीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्रित हो गए। जिससे हाईवे पर 3 से 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।  और स्थितियां इतनी खराब हो गई कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर से करीब 3 से 4 किलोमीटर तक 3 घंटे तक जाम लगा रहा । इस जाम में बारात की गाड़ियों सहित सैकड़ो यात्री फंस गए । मरीज को ले जा रही है एंबुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रही।  जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आखिरकार 5 घंटे बीत जाने के बाद डोली वापस अगस्त ऋषि मंदिर में लौट गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना होना कोई अशुभ संकेत का प्रतीक है।

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