आँवला – विटामिन C का खजाना, पूरे साल सेहत के लिए सहेजें:
संवाददाता
17 January 2026
अपडेटेड: 8:18 PM 0thGMT+0530
आंवला एक प्राकृतिक उपहार:
आँवला प्रकृति का एक अनमोल उपहार है, जिसे विटामिन C का खजाना कहा जाता है। यह ऐसा फल है जिसमें मौजूद विटामिन C पकाने या सुखाने के बाद भी नष्ट नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। यही कारण है कि आँवला केवल मौसमी फल नहीं, बल्कि पूरे साल शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला प्राकृतिक टॉनिक है।
आंवला है विटामिन सी से भरपूर:
आँवला में पाया जाने वाला विटामिन C शरीर को संक्रमण से बचाता है, त्वचा और बालों को पोषण देता है तथा थकान और कमजोरी को दूर करता है। सर्दी-खांसी से लेकर पाचन तंत्र को मजबूत करने तक, इसका नियमित सेवन हर मौसम में लाभकारी है।
आँवला का शरबत, मुरब्बा, चूर्ण, कैंडी या चटनी के रूप में सेवन कर इसे साल भर आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। यही वजह है कि आयुर्वेद में आँवला को रसायन कहा गया है—जो शरीर को अंदर से पुनर्जीवित करता है।
इसलिए आँवला सिर्फ सर्दियों का फल नहीं, बल्कि पूरे साल सेहत की रक्षा करने वाला विटामिन C का प्राकृतिक भंडार है। पूरे साल प्रयोग करने के लिए इसे इस रूप में सहेजे l
(1 ) आँवले का मुरब्बा:
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सामग्री:
बड़े ताजे आँवले – 1 किलो
चीनी – 2 किलो
काली मिर्च पाउडर – 5 ग्राम
केसर एवं इलायची पाउडर स्वादानुसार
चूना – 5 ग्राम
पानी – आवश्यकतानुसार
विधि:
बड़े आँवलों को चाकू या कांटे से चारों ओर से गोद लें और 5 ग्राम चूने के पानी में आँवलों को तीन दिन तक भिगोकर रखें। चौथे दिन आँवलों को निकालकर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि चूने का अंश पूरी तरह निकल जाए। अब आधा लीटर पानी में 25 ग्राम चीनी डालकर आँवलों को उबालें, जब तक वे नरम न हो जाएँ। उबले हुए आँवलों को निकालकर कपड़े पर फैलाकर 3–4 घंटे तक सुखा लें। इसके बाद कढ़ाही में बाकी चीनी की एक तार की चाशनी बनाएं, उसमें सूखे आँवले डालें और फिर काली मिर्च पाउडर, केसर व इलायची पाउडर मिलाकर धीमी आंच पर पकाएँ, जब तक चाशनी आँवलों में अच्छी तरह समा न जाए। मुरब्बा ठंडा होने पर इसे साफ और सूखे काँच के बर्तन में भरकर रखें।
(2) आँवला सुपारी:
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सामग्री–
ताजे आँवले – 1 किलो
नमक – 40 ग्राम
जीरा – 5 ग्राम
काली मिर्च – 5 ग्राम
लौंग – 5 ग्राम
इलायची – 5 ग्राम
पानी – आवश्यकतानुसार
विधि:
आँवलों को साफ करके पानी में अच्छी तरह उबाल लें, फिर ठंडा होने पर उनके बीज निकाल दें। अब आँवलों के टुकड़ों पर 30–40 ग्राम नमक अच्छी तरह लगाएँ। जीरा, काली मिर्च, लौंग और इलायची को पीसकर बारीक पाउडर बना लें और इस मसाले को नमक लगे आँवलों पर अच्छी तरह मलें। अब इन आँवलों को साफ कपड़े या थाली में फैलाकर तेज धूप में पूरी तरह सुखा लें। सूख जाने पर इन्हें एयरटाइट डिब्बे या काँच के जार में भरकर सुरक्षित रखें।
(3) खट्टी-मीठी आंवला कैंडी :
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आवश्यक सामग्री:
आंवला – 500 ग्राम
चीनी – 300 ग्राम
पानी – 1 कप
नमक – ½ छोटा चम्मच
काला नमक – 1 छोटा चम्मच
अजवाइन (या सौंठ पाउडर) – ½ छोटा चम्मच
हींग – 1 चुटकी
काली मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
हल्दी – ½ छोटा चम्मच
नींबू का रस – 2 बड़े चम्मच
बनाने की विधि:
आंवला कैंडी बनाने के लिए सबसे पहले आंवले को अच्छी तरह धोकर लें l अब एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें आंवला डालकर 5–10 मिनट तक उबालें, फिर आंवला निकालकर ठंडा कर लें,और बीज निकाल दें। इसके बाद एक कढ़ाही में 1 कप पानी और चीनी डालकर उबालें, जब चीनी पूरी तरह घुल जाए तो उसमें नमक, काला नमक, हींग, अजवाइन (या सौंठ), काली मिर्च और हल्दी डालकर 5–7 मिनट तक पकाएँ ताकि चाशनी हल्की गाढ़ी हो जाए। चाशनी थोड़ा ठंडी होने पर उसमें नींबू का रस मिलाएँ, फिर उबले हुए आंवले डालकर धीमी आंच पर 5–7 मिनट तक पकाएँ ताकि आंवला चाशनी को अच्छी तरह सोख ले। अंत में आंवला चाशनी से निकालकर किसी साफ प्लेट या ट्रे में फैलाकर धूप में 1–2 दिन तक सुखाएँ। पूरी तरह सूखने पर खट्टी-मीठी आंवला कैंडी तैयार है, जिसे एयरटाइट कंटेनर में लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।