मुंबई महानगरपालिका चुनाव नतीजे के बाद शिंन्दें गुट ने फंसाया नया पेंच:

मुंबई महानगरपालिका के चुनाव नतीजों में बीजेपी की एक तरफा लहर देखी गई।
और महायुति की जीत हुई।  इस महायुति  ने इंडी गठबंधन का किला ढहा दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा महाराष्ट्र में महा विजय हुई और एकनाथ शिंदे ने कहा कि दोनों ठाकरे भाइयों को जवाब दे दिया गया है।

और मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर अपना जश्न मना रही है।
इसी बीच इस चुनावी नतीजे ने महाराष्ट्र के सियासत में एक नया पेंज फंस गया है । दरअसल भाजपा मुंबई में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।  पहली बार भाजपा का मेयर बनने के साथ संकेत दिख रहे हैं । उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने 29 नव निर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में शिफ्ट कर दिया है।  जिसमें बाहर कड़ा पहरा भी लगा है।  शिंदे गुट का कहना है कि इस साल शिवसेना संस्थापक बाला साहब ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष है। इसलिए कम से कम ढाई साल शिवसेना का मेयर होना चाहिए।  इस पर भाजपा शिंदे गुट में खींचतान शुरू हो गई है।

इसमें मुंबई के 227 वार्ड में से भाजपा ने 89 वार्ड जीते हैं । शिंदे गुट ने 29 वार्ड जीते हैं।  यदि बहुमत के आंकड़े के अनुसार देखा जाए तो 114 के लिए भाजपा को शिंदे गुट के 29 पार्षदों की जरूरत नहीं है।
उद्धव गुट द्वारा मराठी कार्ड खेलने से शिंदे गुट की पार्षदों की संख्या सीमित रह गई । अब शिंदे गुट ने मेयर  पद का दांव चला है।  भाजपा यदि यह मांग नहीं मानती है ,तो सत्ता के समीकरण भी बिगड़ सकते हैं।  इसके चलते शिंदे ने तय किया कि होटल में ही बैठक करके पार्टी नेता का चुनाव किया जाएगा।  इस वजह से एकनाथ शिंदे ने अपने 29 नव निर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के ‘होटल ताज लैंड्स एंड ‘ में शिफ्ट कर दिया है।

मुंबई में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है उद्धव ठाकरे की शिवसेना यानी यूबीटी। उद्धव ठाकरे ने यह कहकर अटकलें को और बढ़ा दिया यदि भगवान चाहेंगे तो उनकी पार्टी का मेयर हो सकता है।
इधर कांग्रेस में भी महायुद्ध गृह युद्ध जैसी स्थितियां है।
इधर बीएमसी चुनाव में हार के बाद मुंबई कांग्रेस की आंतरिक कलह भी सड़कों पर आ गई है।  हार का ठीकरा मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ पर फोड़ने वाले नेता जगताप को कांग्रेस आलोकमान  ने कारण बताओं नोटिस भी जारी किया है।