बसंत पंचमी पर वाग्देवी मंदिर पर पूजा अर्चना हेतु सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष में लगाई याचिका:

khabar pradhan

संवाददाता

20 January 2026

अपडेटेड: 11:04 PM 0thGMT+0530

बसंत पंचमी पर वाग्देवी मंदिर पर पूजा अर्चना हेतु सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष में लगाई याचिका:


23 जनवरी बसंत पंचमी पर भोजशाला परिसर को लेकर हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका!

सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार:

इस वक्त की बड़ी खबर मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद से जुड़ी हुई है, जहां सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।  हालांकि कोर्ट ने साफ किया है कि मामले की सुनवाई 22 जनवरी, गुरुवार को की जाएगी।

दरअसल, भोजशाला परिसर को लेकर हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अदालत में दलील दी कि 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी है और इसी दिन मुस्लिम समुदाय की जुमे की नमाज़ भी होती है। ऐसे में टकराव की स्थिति बन सकती है।  हिंदू पक्ष ने मांग की है कि बसंत पंचमी के दिन मुस्लिम नमाज़ पर रोक लगाई जाए और केवल हिंदू पूजा की अनुमति दी जाए।  याचिका में दावा किया गया है कि भोजशाला परिसर में मां वागदेवी यानी सरस्वती का प्राचीन मंदिर मौजूद है, जिसका निर्माण 11वीं सदी में परमार वंश के राजा द्वारा कराया गया था।

हिंदू पक्ष का कहना है कि लंबे समय तक इस स्थल पर नियमित रूप से पूजा होती रही है और बसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर पूजा से रोका जाना धार्मिक अधिकारों का हनन होगा।  हिंदू पक्ष ने अपनी याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को भी चुनौती दी है। उनका कहना है कि ASI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यदि बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़े, तो पूजा और नमाज़ को लेकर क्या व्यवस्था होगी।  इसी अस्पष्टता के चलते हर साल विवाद की स्थिति बनती है।क्षयाचिका में सुप्रीम कोर्ट से स्पष्ट दिशा-निर्देश, ASI सर्वे और कड़े सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।‌ अब देखना होगा कि 22 जनवरी की सुनवाई में अदालत क्या फैसला लेती है और बसंत पंचमी को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं…

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