पहलगाम आतंकी हमले का एक महीना पूरा….

khabar pradhan

संवाददाता

22 May 2025

अपडेटेड: 6:35 AM 0ndGMT+0530

पहलगाम आतंकी हमले का एक महीना पूरा….

Find out what actions have been taken against terrorism so far?

जानिए अब तक आतंकवाद के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई ? सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: 6 स्थानीय आतंकवादी ढेर


दक्षिण कश्मीर में हुए हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए एक बड़ा ऑपरेशन चलाया. इस संयुक्त ऑपरेशन में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने छह स्थानीय आतंकियों को मार गिराया. मारे गए आतंकियों में एक टॉप कमांडर भी शामिल था, जो आतंकी संगठन The Resistance Front (TRF) से जुड़ा हुआ था. TRF को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ संगठन माना जाता है, जो हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रहा है.
ऑपरेशन उन ख़ुफ़िया जानकारियों पर आधारित था, जो सुरक्षा एजेंसियों को हमले के बाद प्राप्त हुईं. अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है.

पहलगाम हमले के पीछे TRF का हाथ: पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला TRF द्वारा ही अंजाम दिया गया है. हमले में निशाना बनाए गए जवानों पर अचानक घात लगाकर हमला किया गया, जो कि TRF की ऑपरेशन शैली का हिस्सा माना जाता है. पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस हमले की जांच कर रही हैं और यह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि किसी भी प्रकार की आतंकी साजिश को जड़ से खत्म किया जाए.
राज्य पुलिस महानिदेशक ने कहा कि “TRF जैसे संगठन युवाओं को बरगलाकर आतंकवाद की ओर धकेल रहे हैं. हम इन नेटवर्क्स को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं.” पुलिस ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में TRF के नेटवर्क पर और भी सर्जिकल स्ट्राइक किए जा सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की कोशिश
भारत सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी जागरूक करने की पहल शुरू कर दी है. इसके तहत भारतीय सांसदों और राजनेताओं के प्रतिनिधिमंडलों को दुनिया के विभिन्न देशों में भेजा जा रहा है, ताकि पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने वाले चेहरे को बेनकाब किया जा सके.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अन्य रणनीतिक साझेदार देशों में जाकर भारत की स्थिति को सामने रखेंगे. वे इस बात को उजागर करेंगे कि पाकिस्तान की धरती पर पल रहे आतंकी संगठन न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी खतरा हैं.
इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाकर पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन से पीछे हटने पर मजबूर करना है.

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