भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नया दौर: रोहित-विराट की जगह कौन ?

khabar pradhan

संवाददाता

11 May 2025

अपडेटेड: 10:05 AM 0thGMT+0530

भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नया दौर: रोहित-विराट की जगह कौन ?

भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नया दौर: रोहित-विराट की जगह कौन ?

शुभमन-पंत कप्तानी की रेस में, श्रेयस-पाटीदार पर भी नजर

भारतीय क्रिकेट अपने सुनहरे युग के एक बड़े मोड़ पर खड़ा है। टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की अनुपस्थिति में इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए नए चेहरों की तलाश तेज हो गई है। युवा सनसनी शुभमन गिल और विस्फोटक विकेटकीपर ऋषभ पंत कप्तानी की रेस में सबसे आगे हैं, जबकि मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ियों पर सबकी नजरें टिकी हैं। आइए, इस रोमांचक बदलाव को विस्तार से समझते हैं।

कप्तानी की जंग: गिल बनाम पंत

रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की चर्चाओं और विराट कोहली के संभावित ब्रेक ने भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व का सवाल खड़ा कर दिया है। शुभमन गिल, जो पहले ही वनडे और टी20 में अपनी कप्तानी का लोहा मनवा चुके हैं, टेस्ट कप्तानी के लिए मजबूत दावेदार हैं। उनकी शांतचित्त रणनीति और लगातार बेहतर होती बल्लेबाजी उन्हें इस रोल के लिए उपयुक्त बनाती है। गिल ने हाल ही में घरेलू क्रिकेट और भारत A के दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर बढ़ा है।
दूसरी ओर, ऋषभ पंत का नाम भी जोर-शोर से उछल रहा है। 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा में ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे पंत अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और गेम-चेंजिंग विकेटकीपिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी उप-कप्तानी की संभावना को लेकर भी चर्चा गर्म है। पंत की ताकत है उनकी बेबाकी और मुश्किल परिस्थितियों में हौसला बनाए रखने की काबिलियत। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पंत को तीनों फॉर्मेट में खेलने की चुनौती कप्तानी के लिए बाधा बन सकती है।

मिडिल ऑर्डर की नई उम्मीद

विराट कोहली के मिडिल ऑर्डर में छोड़े गए खालीपन को भरना आसान नहीं होगा। उनकी तकनीक, अनुभव और दबाव में रन बनाने की कला बेजोड़ है। लेकिन, युवा खिलाड़ी इस मौके को भुनाने के लिए तैयार हैं। श्रेयस अय्यर, जो पहले टेस्ट में शतक जड़ चुके हैं, मिडिल ऑर्डर के लिए मजबूत दावेदार हैं। हालांकि, उनकी असंगत फॉर्म और चोट की समस्याएं चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय रही हैं। फिर भी, श्रेयस की आक्रामक शैली और बड़े शॉट्स खेलने की क्षमता उन्हें इस रोल के लिए उपयुक्त बनाती है।
वहीं, रजत पाटीदार ने घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। रणजी ट्रॉफी और भारत A के दौरे पर उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें टेस्ट टीम में जगह दिलाने की वकालत की है। पाटीदार की तकनीक और लंबी पारियां खेलने की क्षमता उन्हें कोहली की जगह भरने का मजबूत उम्मीदवार बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाटीदार को डेब्यू का मौका मिलना चाहिए ताकि वह अपनी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साबित कर सकें।

अन्य दावेदार और चुनौतियां

कप्तानी और मिडिल ऑर्डर के अलावा, ओपनिंग स्लॉट भी चर्चा का विषय है। रोहित की गैरमौजूदगी में यशस्वी जायसवाल और अभिमन्यु ईश्वरन जैसे युवा ओपनरों पर नजर है। जायसवाल की आक्रामक शैली और ईश्वरन की ठोस तकनीक उन्हें इस रोल के लिए उपयुक्त बनाती है। हालांकि, इंग्लैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर उनकी अनुभवहीनता एक चुनौती हो सकती है।

जसप्रीत बुमराह, जो पहले टेस्ट कप्तानी कर चुके हैं, को भी इस रोल के लिए विचार किया गया था। लेकिन उनकी फिटनेस और गेंदबाजी पर फोकस को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी से मुक्त रखना चाहते हैं। केएल राहुल भी एक विकल्प हो सकते थे, लेकिन उनकी लगातार चोटें और फॉर्म में कमी ने उनकी दावेदारी को कमजोर कर दिया है।

सोशल मीडिया पर बहस

इस बदलाव ने सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छेड़ दी है। कुछ प्रशंसक गिल को कप्तान बनाने के पक्ष में हैं, तो कुछ पंत की बेबाक शैली को पसंद कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “शुभमन गिल में कप्तानी का दम है। वह भविष्य के रोहित हो सकते हैं!” वहीं, एक अन्य यूजर ने पंत का समर्थन करते हुए लिखा, “पंत जैसा गेम-चेंजर कप्तान चाहिए, जो मैदान पर आग लगा दे।” मिडिल ऑर्डर के लिए पाटीदार को मौका देने की मांग भी सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रही है।

चयनकर्ताओं के सामने बड़ा सवाल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयनकर्ताओं के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रोहित और कोहली जैसे दिग्गजों की जगह कौन लेगा? इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज न केवल युवा खिलाड़ियों के लिए एक मौका है, बल्कि यह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को भी आकार देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीरीज नए सितारों को उभारने का सुनहरा अवसर है, लेकिन अनुभव की कमी और दबाव में प्रदर्शन करना उनके लिए चुनौती होगा।

पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इस बारे में कहा, “यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय है। गिल और पंत में नेतृत्व की क्षमता है, लेकिन उन्हें मैदान पर इसे साबित करना होगा। मिडिल ऑर्डर में श्रेयस और पाटीदार को मौका देना चाहिए, क्योंकि वे भविष्य के सितारे हो सकते हैं।”

क्या होगा भविष्य?

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई शुरुआत हो सकती है। शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे युवा खिलाड़ी कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं, जबकि श्रेयस अय्यर और रजत पाटीदार मिडिल ऑर्डर में अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब हैं। यह सीरीज न केवल इन खिलाड़ियों के करियर का टर्निंग पॉइंट होगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट का भविष्य कितना मजबूत है।
प्रशंसक बेसब्री से इस सीरीज का इंतजार कर रहे हैं, और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रोहित-विराट के बिना भारतीय टीम कैसा प्रदर्शन करती है। क्या यह नई पीढ़ी दिग्गजों की विरासत को आगे ले जाएगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।

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