जयपुर के नीरज को आंसुओं भरी विदाई
संवाददाता
24 April 2025
अपडेटेड: 7:19 AM 0thGMT+0530
जयपुर के नीरज को आंसुओं भरी विदाई
सीएम भजनलाल ने दी सांत्वना, पत्नी ने दी चिता को मुखाग्नि
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जयपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट नीरज उधवानी (33) का गुरुवार को मानसरोवर में अंतिम संस्कार हुआ। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नीरज की मां को गले लगाकर सांत्वना दी, जबकि उनकी पत्नी आयुषी ने पति की चिता के पास हाथ जोड़कर खड़े रहकर विदाई दी और मुखाग्नि दी। हजारों लोगों ने “नीरज उधवानी अमर रहें” के नारों के साथ अपने सपूत को श्रद्धांजलि दी।
मानसरोवर में शोक की लहर: नीरज के अंतिम दर्शन
नीरज का पार्थिव शरीर बुधवार रात 8:15 बजे इंडिगो विमान से जयपुर पहुंचा। गुरुवार सुबह उनके मानसरोवर स्थित निवास पर अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। स्थानीय निवासियों, रिश्तेदारों और सामाजिक संगठनों ने नीरज को पुष्पांजलि अर्पित की। “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “भारत माता की जय” के नारे गूंजे। नीरज की मां और पत्नी आयुषी का रो-रोकर बुरा हाल था। आयुषी ने नीरज की तस्वीर को सीने से लगाकर अपने दुख को बयां किया।
सीएम भजनलाल का आश्वासन: “आतंकवाद का सफाया होगा”

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नीरज की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित किया और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने नीरज की मां को सांत्वना देते हुए कहा, “नीरज की शहादत देश के लिए प्रेरणा है। आतंकवाद का जड़ से खात्मा होगा।” सीएम ने परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाया। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी नीरज को श्रद्धांजलि दी।
पहलगाम हमले की क्रूरता: आयुषी के सामने नीरज की हत्या
22 अप्रैल को पहलगाम के बैसारन मीडोज में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 पर्यटकों को निशाना बनाया। नीरज अपनी पत्नी आयुषी के साथ छुट्टियां मनाने पहलगाम गए थे। आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर पर्यटकों से उनका नाम और धर्म पूछा, फिर नजदीक से गोलियां चलाईं। आयुषी के सामने ही नीरज को गोली मारी गई। इस हमले में दो विदेशी पर्यटक भी मारे गए। यह 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला है।
केंद्र और राज्य का सख्त रुख: पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार
पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए। सिंधु जल समझौता निलंबित कर दिया गया, अटारी-वाघा सीमा बंद की गई, और पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया। सीएम भजनलाल ने कहा, “पाकिस्तान को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। नीरज की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।” उन्होंने केंद्र के फैसलों का समर्थन करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की बात कही।
नीरज की अंतिम यात्रा: जनसैलाब उमड़ा
नीरज की अंतिम यात्रा में जयपुर के हजारों लोग शामिल हुए। मानसरोवर से मोक्षधाम तक की यात्रा में सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं और सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकाला। नीरज का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ मोक्षधाम में किया गया। आयुषी ने पति की चिता को मुखाग्नि दी, जिसे देखकर सभी की आंखें नम हो गईं।
देश में आक्रोश: पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन
पहलगाम हमले ने देशभर में गुस्से की लहर पैदा कर दी। आगरा में अटल चौक पर प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान का पुतला फूंका। कोलकाता, भोपाल और रायपुर में विरोध मार्च निकाले गए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने हमले की निंदा की। उमर ने इसे “अमानवीय” और महबूबा ने “कायराना” बताया।
विश्व समुदाय का साथ: अमेरिका ने की निंदा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन का भरोसा दिया। आगरा में ताजमहल का दौरा कर रहे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हमले की निंदा की और कहा, “पहलगाम हमले से स्तब्ध हूं। भारत के साथ हमारी एकजुटता है।”
नीरज की कहानी: साधारण जीवन, असाधारण बलिदान
नीरज उधवानी जयपुर के मध्यमवर्गीय परिवार से थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में उनकी मेहनत और ईमानदारी की पहचान थी। उनकी शादी को अभी दो साल ही हुए थे। आयुषी ने कहा, “नीरज हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनकी शहादत हमें गर्व देती है, लेकिन दुख असहनीय है।