बलूचिस्तान के बाद अब सिंध में बगावत की आग…पाकिस्तान के दो नहीं बल्कि तीन हिस्से होंगे !

khabar pradhan

संवाददाता

22 May 2025

अपडेटेड: 8:33 AM 0ndGMT+0530

बलूचिस्तान के बाद अब सिंध में बगावत की आग…पाकिस्तान के दो नहीं बल्कि तीन हिस्से होंगे !

बलूचिस्तान के बाद अब सिंध में बगावत की आग...पाकिस्तान के दो नहीं बल्कि तीन हिस्से होंगे !

पाकिस्तान इस समय चौ-तरफा घिर गया है..दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद बलुचिस्तान ने तो खुद को पाकिस्तान से अलग रिपब्लिक घोषित कर ही दिया था.. बलुचिस्तान के साथ पाकिस्तान की तनातनी जगजाहिर है….और कोई नई नहीं है….ऐसे में अब पाकिस्तान के सिंध में भी विरोध की आग जल चुकी है …लोग 6 नहर प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं… और इसी प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सिंध के गृहमंत्री जियाउल हसन लंजर के नौशहरो फिरोज वाले आवास पर धावा बोल दिया और पूरा घर आग के हवाले कर दिया….

प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे के पास मंत्री के आवास को निशाना बनाया…और पास में खड़े दो वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत भी हो गई जबकी एक डीएसपी और छह अन्य पुलिसकर्मियों के अलावा एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए… दरअसल, चोलिस्तान नहर का मुद्दा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सिंध सरकार और केंद्र की शहबाज शरीफ सरकार के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा बना हुआ है.. आपको बता दें कि पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार चोलिस्तान रेगिस्तान की सिंचाई के लिए सिंधु नदी पर छह नहरें बनबाने की प्लानिंग कर रही थी… लेकिन PPP और सिंध प्रांत के दूसरे राजनीतिक दल इस प्रोजेक्ट का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं… मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, चोलिस्तान कैनल सिस्टम की लागत 211.4 अरब रुपये है और इस प्रोजेक्ट के जरिए हजारों एकड़ बंजर भूमि को खेती की जमीन में बदलना था.

प्रोजेक्ट के चलते 4 लाख एकड़ जमीन पर खेती की योजना थी. लेकिन सिंध में इस प्रोजेक्ट का भारी विरोध हो रहा था.. जिसमें राजनीतिक दल, धार्मिक संगठन, सोशल ACTIVIST और वकील शामिल थे…प्रोजेक्ट के खिलाफ पूरे सिंध में रैलियां और धरना प्रदर्शन किए गए….

जिसे देखते हुए पिछले महीने इस प्रोजेक्ट को कॉमन इंटरेस्ट्स काउंसिल यानी CCI ने अस्वीकार कर दिया. CCI की बैठक के बाद पाकिस्तान के PMO की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था कि ‘सभी प्रांतों के बीच आपसी समझ और आम सहमति के बिना कोई भी नई नहर नहीं बनाई जाएगी… सिंध प्रांत के लोगों का कहना है कि सरकार उनकी जमीन और पानी छीन रही है. जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इसके तनाव बढ़ गया. नाराज होकर लोगों ने सिंध के गृह मंत्री के घर हमला कर दिया था. प्रदर्शनकारियों ने कुछ ट्रकों को लूट लिया और उनमें से कुछ को आग लगा दी. चोलिस्तान कैनल सिस्टम को लेकर सिंध प्रांत और पाकिस्तान आमने-सामने है…

सिंध में बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी की सरकार है. पीपीपी सरकार के मंत्री के घर पर हुए हमले को बिलावल भुट्टो ने आतंकवादी कृत्य बताया है. अब ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार हो रहीं इन घटनाओं के इत्तिफाक की टाइमिंग कितनी परफेक्ट है..जैसे की मानों पाकिस्तान का कर्म ही उससे बदला ले रहा हो..सोचिए अगर बलूचिस्तान के बाद सिंध के इलाके में भी बगावत भड़कती है..तो पाकिस्तान दो नहीं बल्कि तीन हिस्सो में बट जाएगा..अब देखना होगा इस समस्या का हल क्या निकलता है या वाकई पाकिस्तान टुकड़े टुकड़े होने की कगार पर पहुंच चुका है,….

टिप्पणियां (0)