AI summit 2026:दुनिया में छाया भारत का जलवा:

khabar pradhan

संवाददाता

21 February 2026

अपडेटेड: 11:40 PM 0stGMT+0530

AI summit 2026:दुनिया में छाया भारत का जलवा:

भारत मंडपम में दिखा भारत का जलवा:

ओपन एआई के CEO सैम ऑल्टमैन:

ओपन एआई के CEO सैम ऑल्टमैन
ने कहा कि आई सॉफ्टवेयर सेक्टर को पूरी तरह बदल देगा इस कोडिंग पहले से अधिक आसान और तेज हो गई है इसे टेक कंपनियों के काम करने बड़ा बदलाव आएगा इसके अलावा उन्होंने कहा कि दुनिया सुपर इंटेलिजेंस यानी सुपर ब्रेन से कुछ साल ही दूर है। वर्ष 2028 तक अधिकांश बौद्धिक क्षमता डाटा सेंटर में समाहित हो जाएगी। उन्होंने नौकरियों पर खतरे को लेकर कहा की नौकरी पर खतरा नहीं है बल्कि तकनीक आने पर इंसान हमेशा नया और बेहतर काम ढूंढ ही लेता है।

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई :

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि  भारत में बदलाव की रफ्तार उन्हें हर बार हैरान करती है।
उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि वह चेन्नई से कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन से खड़कपुर जाते थे और रास्ते में विशाखापट्टनम पड़ता था जो तब एक शांत तटीय शहर था अब इस शहर में गूगल 1.36 लाख करोड रुपए के निवेश के जरिए डाटा सेंटर बना रहा है पीछे ने घोषणा की की गूगल भारत और अमेरिका के बीच चार नए सब-सी फाइबर ऑप्टिक केबल सिस्टम बनाएगा।

सीईओ गूगल डीपमाइंड हेमिस हसाबिस:
औद्योगिक का क्रांति से 10 गुना बड़ा होगा असर:
सर्च इंजन क्लाउड सेवाएं और आई शोध करने वाली ब्रिटिश अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी के सीईओ डिमिस हसाबिस ने कहा एआई का असर औद्योगिक क्रांति से 10 गुना बड़ा और तेज होगा । उन्होंने दावा किया कि 5 वर्षों में आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस विज्ञान के लिए पुनर्जागरण का नया स्वर्ण युग लायेगा। उन्होंने कहा बेहतरीन टैलेंट के दम पर भारत एआई का ग्लोबल पावर हाउस बनेगा।

शिक्षा और हेल्थ केयर पर दिखेगा सीधा असर नंदन नीलकड़ी:
इंफोसिस की सह- संस्थापक नंदन नील कड़ी ने कहा कि असली चुनौती ए मॉडल बनाना नहीं ,बल्कि उसे एक अरब लोगों तक पहुंचना है।‌ 2030 तक 100 डिफ्यूजन पाथवे बनाकर सुरक्षित कार्यान्वयन का लक्ष्य रखा गया है।‌ भारत जनसंख्या के स्तर पर ए आई का सबसे बड़ा यूज केस कैपिटल और ग्लोबल टेस्ट बेड बनेगा।जिसका सीधा फायदा किसानों की आय, हेल्थ केयर और शिक्षा में दिखेगा।

समस्या तकनीक नहीं तैयारी की कमी है बड़ा:
किंड्रिल के सीईओ और अध्यक्ष मार्टिन श्रोएटर ने कहा कि भारत में आई सम्मिट आधुनिक आई का दौर आने से पहले हो रही है समस्या आई तकनीक को लेकर नहीं है बल्कि इसकी तैयारी को लेकर है दुनिया में 50% एआई  निवेश परिणाम नहीं दे पाया है। क्योंकि हम तैयार नहीं है।

नई उत्पाद रणनीति जरूरी:
एक्सेंचर अध्यक्ष और सीईओ जूली स्वीट ने कहा कि हर सीईओ यह तय करें कि 2 से 3 वर्षों में एआई से कौन से उत्पाद बनाएंगे । वर्कफोर्स री-शेपिंग और एंटी लेवल नौकरियां बनाए रखना जरूरी है ।नई तकनीक अपनाने से आईटी क्षेत्र में नौकरियां घटती नहीं बल्कि नई भूमिकाएं और अवसर पैदा होते हैं।

गलत सूचना के बीच रुककर सच्चाई की जांच करना जरूरी:
विकिपीडिया के को-फाउंडर का जिमी वेल्स का मानना है कि एआई के दौर में भी ज्ञान का मूल आधार इंसान ही है । उनका कहना है कि फ्री नॉलेज का अर्थ सिर्फ मुफ्त की जानकारी नहीं,बल्कि ऐसी सामग्री है जिसे कोई भी स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल कर सकता है। उसे साझा कर सके और पुनः प्रकाशित कर सके। वह मानते हैं कि एआई मॉडल खासकर एलएलएम बड़े पैमाने पर विकिपीडिया पर निर्भर है
‌लेकिन उसमें तथ्यात्मक गलतियों और हलुसीनेशन की गंभीर समस्या है
।  जैसे किताबों के नकली आईएसबीएन बना देना।  वेल्स के अनुसार मानव संपादकों की निगरानी स्रोतों की जांच संपादकीय बहस की विश्वसनीय की असली गारंटी है पत्रकार पहले सुरक्षा कवच है और विकिपीडिया अंतिम रक्षा पंक्ति तेजी। तेजी  से फैलती गलत सूचना के बीच सच्चाई की पोस्ट करना बेहद जरूरी है ।‌वेल्स भारत को मुक्त ज्ञान के भविष्य के लिए बेहद अहम मानते हैं।

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