AI summit 2026:आम लोगों के लिए क्या है वे 4 चीजें , जो सीधे बदलेगी हमारी जिंदगी:
संवाददाता
18 February 2026
अपडेटेड: 11:02 PM 0thGMT+0530
एआई इंपैक्ट समिट सोमवार 16 फरवरी से शुरू हो चुकी है। यह पहली बार है जब इतना बड़ा आई सम्मेलन ग्लोबल साउथ में हो रहा है। इससे पहले ब्रिटेन 2023 में ,सोल में 2024 और पेरिस 2025 में यह समिट हो चुकी है।
पीएम मोदी ने सोमवार शाम दुनिया के सबसे बड़े एआई एक्सपो का उद्घाटन किया । इसमें 600 से ज्यादा स्टॉल और अपने इनोवेशन प्रस्तुत किये।
पीएम ने कुछ स्टॉल पर एआई तकनीक के बारे में जानकारी भी ली।
अगले 3 वर्षों में AI का प्रभाव बढ़ने वाला है 10 गुना:
एआई इंपैक्ट समित 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होगी। इसमें 600 से ज्यादा स्टार्टअप और 13 देश के पवेलियन शामिल हो रहे हैं। इसमें 3250 से अधिक वक्ता और करीब 500 सत्र आयोजित होंगे। सेशंस में वक्ताओं ने ये साफ कर दिया कि अगले 3 साल में हमारी जिंदगी में एआई का दखल हजार गुना तेजी से बढ़ने वाला है। एआई से नौकरी जाने के सवाल पर वक्ताओं ने कहा कि जो लोग नई स्किल सीखेंगे ,नौकरियां उनके पास जाएंगे और जो नहीं सीखेंगे नौकरियां उनसे दूर होने लगेंगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी बचाने उसे आसान बनाने और तरक्की पाने के लिए बस कुछ नई स्किल सीखनी होगी।
ऐसी चार बड़ी चीजें जो सीधे हमारी जिंदगी बदलेगी:
( 1) परिवहन:
ए समिति के पहले सत्र में नही के अफसर ने बताया कि आई से पता लगाया जा सकता है कि ट्रैफिक नियमों का कहां कितना उल्लंघन होता है । इसे कैसे कम कर सकते हैं।
भविष्य में एआई कैमरा से लैस ड्रोन कैमरे इस्तेमाल होंगे । ओवरलोड या फिटनेस के बिना चलने वाले वाहन डिटेक्ट कर कंट्रोल रूम को मैसेज पहुंचा दिया जाएगा । सड़कों के डिजाइन ,स्पीड लिमिट आदि की भी एआई से निगरानी की तैयारी है।
(2) Weather Station:
आईआईटी रोपड़ के द्वारा विकसित किये गये वेदर स्टेशन ने किसानों के लिए एआई आधारित ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन तैयार किया है। इन्हें हजारों की संख्या में खेतों में और गांव में लगाया जा सकता है। करीब ₹15000 की कीमत वाला यह उपकरण सिंचाई फसल योजना और कीट नियंत्रण संबंधी सटीक सलाह देगा।
(3) स्वास्थ्य:
ए आई सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस ने ओरल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए
स्मार्टफोन आधारित विजन टूल बनाया है । यह खास रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लिए है। हेल्थ वर्कर मुंह के अंदर की फोटो से संदिग्ध पैच या शुरुआती लक्षण पहचान सकेंगे। शुरुआती इस्तेमाल में इसने 86% तक सटीक जानकारी दी है । इसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जोड़ा जा रहा है ,ताकि स्क्रीनिंग आसान हो सके।
(4) शिक्षा के क्षेत्र में:
आईआईटी मद्रास शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इसके तहत संस्थान के एआई सेंटर आफ एक्सीलेंस में 100 से अधिक भारतीय बोलियां जैसे अवधी, ब्रज और हरियाणवी पर काम चल रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को उनके अपने स्थानीय बोली में शिक्षा उपलब्ध कराना है।
ए आई में पांच बड़े निर्णायक कदम:
——————————————-
(1)सर्वम एआई:
यह सीधे भारतीय संदर्भ में सोने और जवाब देने की क्षमता रखता है । सर्वम में बुलबुल नमक ऑडियो वर्जन पेश किया है। इसे हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं स्थानीय उच्चारण के अनुरूप ट्रेनिंग दी गई है।
(2)परम-2:
यह सुपर कंप्यूटर है । सरकार नीति निर्माण और संवेदनशील डेटा उपयोग को ध्यान में रखकर इसे विकसित किया गया है।
(3)ज्ञानी:
यह बड़े पैमाने पर स्थानीय कंटेंट और भारतीय ज्ञान परंपरा को डिजिटल रूप में सुलभ बनाता है । यह एआई को नीति ,शिक्षा, जन सेवा का औजार बना रहा है।
(4)सॉकेट:
यह एआई कोडिंग और लॉजिक आधारित कार्यों को भारतीय भाषाओं और स्थानीय जरूरत से जोड़ने का काम करेगा।
(5)गान:
यह भारतीय भाषाओं लहजों और आवाजों में सटीक स्पीच और ऑडियो आउटपुट देने में सक्षम है। यानि भारतीय आई केवल टेक्स्ट तक सीमित नहीं है ।