आज से रजिस्ट्रेशन शुरू, 3 जुलाई से 39 दिन की तीर्थयात्रा

khabar pradhan

संवाददाता

15 April 2025

अपडेटेड: 10:06 AM 0thGMT+0530

आज से रजिस्ट्रेशन शुरू, 3 जुलाई से 39 दिन की तीर्थयात्रा

6 लाख श्रद्धालु दो मार्गों से करेंगे दर्शन

6 लाख श्रद्धालु दो मार्गों से करेंगे दर्शन

पवित्र अमरनाथ गुफा की तीर्थयात्रा के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल, 2025 से शुरू हो रहा है। यह 39 दिन की यात्रा 3 जुलाई को आरंभ होगी और 10 अगस्त को समाप्त होगी। इस दौरान करीब 6 लाख श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल मार्गों के माध्यम से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।
यात्रा का विवरण
अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा की तीर्थयात्रा है, जहां बर्फ से बना प्राकृतिक शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। इस बार यात्रा 39 दिनों तक चलेगी। श्रद्धालु दो मुख्य मार्गों से गुफा तक पहुंच सकते हैं:
पहलगाम मार्ग: 48 किलोमीटर का यह मार्ग प्राकृतिक सौंदर्य से भरा है। चंदनवाड़ी, शेषनाग, और पंचतरणी जैसे पड़ाव इस मार्ग का हिस्सा हैं। यह लंबा लेकिन अपेक्षाकृत आसान है।
बालटाल मार्ग: 14 किलोमीटर का यह छोटा मार्ग खड़ी चढ़ाई वाला है और कम समय में दर्शन के लिए उपयुक्त है।
दोनों मार्गों पर रोजाना सीमित श्रद्धालुओं को अनुमति मिलेगी ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रहे। अनुमान है कि इस बार 6 लाख लोग यात्रा में शामिल होंगे।


रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध है। मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट (www.jksasb.nic.in) पर फॉर्म भरा जा सकता है। आधार कार्ड, फोटो, और मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होगी।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन: देशभर में नामित बैंक शाखाओं और केंद्रों पर सुविधा मौजूद है। मेडिकल सर्टिफिकेट और पहचान पत्र जरूरी हैं।
पात्रता: 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, 75 वर्ष से अधिक के बुजुर्ग, और गर्भवती महिलाएं यात्रा में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। सभी यात्रियों को स्वास्थ्य जांच करानी होगी।
सुरक्षा और सुविधाएं
यात्रा को सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं:
सुरक्षा: सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी होगी।
चिकित्सा सुविधाएं: मार्ग पर मेडिकल कैंप, ऑक्सीजन सिलेंडर, और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी।
लंगर और विश्राम: मुफ्त भोजन और विश्राम स्थल प्रमुख पड़ावों पर होंगे।
मौसम अपडेट: मौसम की जानकारी और सुरक्षा अलर्ट नियमित रूप से जारी होंगे।
यात्रियों के लिए सुझाव
यह यात्रा शारीरिक रूप से कठिन है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है:
गर्म कपड़े, ट्रैकिंग जूते, और रेनकोट साथ रखें।
ऊंचाई पर सांस की तकलीफ से बचने के लिए शारीरिक तैयारी करें।
समूह में रहें और निर्देशों का पालन करें।
पर्यावरण को स्वच्छ रखें, प्लास्टिक से बचें।
यात्रा का महत्व
अमरनाथ गुफा हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखती है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। बर्फ का शिवलिंग गर्मियों में प्रकट होता है, जो आध्यात्मिक अनुभव देता है। यह यात्रा देश की सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाती है।
अपील
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से आधिकारिक चैनलों के जरिए रजिस्ट्रेशन करने और अनधिकृत एजेंटों से बचने की अपील की है। गुफा क्षेत्र को स्वच्छ रखने और नियमों का पालन करने का भी अनुरोध है।
निष्कर्ष
अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली यह 39 दिन की यात्रा 6 लाख भक्तों को दर्शन का अवसर देगी। यह यात्रा आध्यात्मिकता और एकता का प्रतीक है।

टिप्पणियां (0)