उषा वेंस का भारतीय मूल और हिंदू धर्म से गहरा नाता
संवाददाता
21 April 2025
अपडेटेड: 11:02 AM 0stGMT+0530
अमेरिकी उपराष्ट्रपति की पत्नी की कहानी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति की पत्नी की कहानी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस, जिनका पूरा नाम उषा चिलुकुरी वेंस है, भारतीय मूल की पहली ऐसी महिला हैं जो अमेरिका की सेकेंड लेडी के रूप में इतिहास रच रही हैं। 21 अप्रैल 2025 को शुरू हुई उनकी भारत यात्रा ने न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूती दी, बल्कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए भी गर्व का क्षण बन गई। उषा का भारतीय मूल, उनकी हिंदू आस्था और उनकी उपलब्धियां उन्हें एक प्रेरणादायक शख्सियत बनाती हैं। आइए, उनके भारतीय कनेक्शन और हिंदू धर्म के प्रति उनके विचारों को विस्तार से जानें।
उषा वेंस का भारतीय कनेक्शन
उषा वेंस का जन्म अमेरिका के सैन डिएगो, कैलिफोर्निया में हुआ, लेकिन उनकी जड़ें भारत के आंध्र प्रदेश के वडलुरु गांव से जुड़ी हैं। उनके माता-पिता, राधाकृष्ण “कृष” चिलुकुरी और लक्ष्मी चिलुकुरी, 1970 के दशक के अंत में आंध्र प्रदेश से अमेरिका प्रवास कर गए। उषा के पिता एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जिन्होंने आईआईटी मद्रास से पढ़ाई की और बाद में सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी में लेक्चरर बने। उनकी माता लक्ष्मी एक मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट हैं और सैन डिएगो विश्वविद्यालय में एक महत्वपूर्ण पद पर हैं। उषा का परिवार तेलुगु ब्राह्मण समुदाय से आता है, और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि में शिक्षा और संस्कृति का विशेष महत्व रहा है।

उषा के दादा, सी. रामशास्त्री, आईआईटी मद्रास में भौतिकी के प्रोफेसर थे, और उनके परिवार ने वडलुरु में एक साईं बाबा मंदिर के निर्माण के लिए अपनी संपत्ति दान की थी। उषा की एक चाची चेन्नई में मेडिकल प्रोफेशनल हैं, और उनकी छोटी बहन सैन डिएगो में एक सेमीकंडक्टर कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वडलुरु गांव में आज भी उषा के परिवार की स्मृतियां जीवित हैं, और उनकी भारत यात्रा के दौरान स्थानीय समुदाय ने उम्मीद जताई कि वह अपने पैतृक गांव का दौरा करेंगी।
हिंदू धर्म के प्रति उषा के विचार
उषा वेंस एक प्रैक्टिसिंग हिंदू हैं और उन्होंने अपनी आस्था को अपनी पहचान का अभिन्न हिस्सा बताया है। जून 2024 में फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उषा ने कहा, “मेरे माता-पिता हिंदू हैं, और यह एक ऐसी चीज है जिसने उन्हें न केवल बेहतरीन माता-पिता बनाया, बल्कि वास्तव में बहुत अच्छे इंसान भी। मैंने अपनी जिंदगी में इसकी ताकत को देखा है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी हिंदू आस्था ने उनके पति जेडी वेंस के आध्यात्मिक जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उषा और जेडी की शादी 2014 में हुई, जिसमें एक पारंपरिक ईसाई समारोह के साथ-साथ हिंदू रीति-रिवाजों से भी विवाह संपन्न हुआ। इस हिंदू समारोह में एक हिंदू पुरोहित ने रस्में पूरी कीं, जो उषा की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। उषा ने अपने साक्षात्कार में कहा कि वह और जेडी अपने बच्चों—इवान, विवेक, और मीराबेल—को दोनों धर्मों की समझ और सम्मान सिखाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनके लिए संवाद और आपसी सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है।
उषा की हिंदू आस्था ने जेडी को उनके ईसाई विश्वास की ओर वापस लौटने में मदद की। जेडी, जो पहले नास्तिक थे, ने 2018 में कैथोलिक चर्च में बपतिस्मा लिया। उन्होंने अपनी पत्नी की आध्यात्मिकता को अपनी प्रेरणा बताया और कहा, “उषा मेरी आध्यात्मिक गुरु हैं। उन्होंने मुझे भगवान में विश्वास करना सिखाया।” उषा की हिंदू मान्यताएं, जैसे कि कर्म योग (निस्वार्थ सेवा) और धर्म (नैतिक कर्तव्य), ने जेडी के राजनीतिक दर्शन को भी प्रभावित किया, खासकर उनकी अमेरिका के ग्रामीण और मजदूर वर्ग के लिए नीतियों में।
भारत यात्रा और सांस्कृतिक महत्व
उषा वेंस की भारत यात्रा (21-24 अप्रैल 2025) उनके लिए एक व्यक्तिगत और सांस्कृतिक वापसी के रूप में देखी जा रही है। दिल्ली में उनके आगमन पर वेंस परिवार ने भारतीय परिधानों में अपनी उपस्थिति दर्ज की। उषा ने एक लाल रंग की ड्रेस पहनी, जो भारतीय संस्कृति में समृद्धि और उत्सव का प्रतीक है, साथ ही एक सफेद ब्लेजर और न्यूड हील्स के साथ इसे आधुनिक टच दिया। उनके बच्चे—इवान, विवेक, और मीराबेल—पारंपरिक कुर्तों में नजर आए, जो उनकी भारतीय विरासत के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
वेंस परिवार ने दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय कला, संस्कृति, और आध्यात्मिकता की प्रशंसा की। उनकी यात्रा में जयपुर के ऐतिहासिक स्थल, जैसे अंबर किला, और आगरा में ताजमहल का दौरा भी शामिल है। यह यात्रा न केवल राजनयिक महत्व रखती है, बल्कि उषा के भारतीय मूल और हिंदू आस्था को वैश्विक मंच पर उजागर करती है।
उषा की शैक्षिक और पेशेवर उपलब्धियां
उषा वेंस एक कुशल वकील हैं, जिन्होंने येल विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में मास्टर डिग्री (गेट्स कैम्ब्रिज स्कॉलर के रूप में) हासिल की। उन्होंने येल लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की, जहां उनकी मुलाकात जेडी वेंस से हुई। उषा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स और जस्टिस ब्रेट कवानॉघ (तब अपील कोर्ट में) के लिए क्लर्क के रूप में काम किया। उन्होंने मंगर, टॉल्स एंड ओल्सन एलएलपी में एक वकील के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने शिक्षा, स्थानीय सरकार, और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में जटिल मुकदमों को संभाला। जेडी के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के बाद उन्होंने इस फर्म से इस्तीफा दे दिया।
भारत-अमेरिका संबंधों में भूमिका
उषा की भारत यात्रा को भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने के एक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। उनकी उपस्थिति, विशेष रूप से भारतीय मूल और हिंदू आस्था के साथ, भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक प्रेरणा है। यह यात्रा व्यापार, रक्षा, और डिजिटल सहयोग जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने की दिशा में एक कदम है।