अरब सागर में भारत की नौसेना ने दिखाई ताकत,
संवाददाता
9 May 2025
अपडेटेड: 5:42 AM 0thGMT+0530
पाकिस्तान की मिसाइल साजिश नाकाम!
पाकिस्तान की मिसाइल साजिश नाकाम!
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है, और इस बीच अरब सागर में भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। इसके जवाब में भारतीय नौसेना ने अरब सागर में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया है, जिसमें 26 युद्धपोतों का बेड़ा शामिल है। इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ नाम दिया गया है, जो पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देता है कि भारत किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।
पाकिस्तान की नापाक हरकतें बेनकाब
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई, ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। इसके बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में मिसाइल हमले और जैसलमेर सहित अन्य क्षेत्रों में ड्रोन घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय सेना ने इन हमलों को न केवल नाकाम किया, बल्कि अब अरब सागर में नौसेना के ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है।
नौसेना की ताकत: INS विक्रांत का दम
भारतीय नौसेना ने अपने सबसे शक्तिशाली विमानवाहक पोत INS विक्रांत को अरब सागर में तैनात किया है। इसके साथ ही कोलकाता-क्लास डिस्ट्रॉयर, नीलगिरी और क्रिवाक-क्लास फ्रिगेट्स जैसे युद्धपोत भी इस ऑपरेशन का हिस्सा हैं। नौसेना ने हाल ही में ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलों और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (MR-SAM) का सफल परीक्षण किया। इन परीक्षणों ने नौसेना की लंबी दूरी तक सटीक हमले करने की क्षमता को फिर से साबित किया है।
‘कोई समुद्र नहीं है विशाल, कोई मिशन नहीं है असंभव’
भारतीय नौसेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “कोई मिशन बहुत दूर नहीं, कोई समुद्र बहुत विशाल नहीं।” यह बयान न केवल नौसेना की ताकत को दर्शाता है, बल्कि पाकिस्तान को चेतावनी भी देता है कि भारत अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। नौसेना ने गुजरात तट से 85 नॉटिकल मील दूर क्षेत्र में चार ‘ग्रीन नोटिफिकेशन’ जारी किए हैं, जहां युद्धाभ्यास चल रहा है। यह क्षेत्र पाकिस्तान के नौसैनिक अभ्यास क्षेत्र के बेहद करीब है, जिससे भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत हो रही है।
पाकिस्तान पर 360 डिग्री दबाव
भारत ने पाकिस्तान पर हर मोर्चे पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। जहां थल सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर छोटे हथियारों से होने वाली गोलीबारी का करारा जवाब दिया, वहीं वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर अपनी तैनाती बढ़ा दी है। नौसेना का यह ऑपरेशन भारत की 360 डिग्री रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद पाकिस्तान को हर तरफ से घेरना है। सूत्रों का कहना है कि जम्मू में हाल ही में एक घुसपैठ की कोशिश को भी नाकाम किया गया, जिससे भारत की सतर्कता और मजबूत रक्षा तंत्र का पता चलता है।
प्रधानमंत्री का कड़ा रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद कहा था, “आतंकियों को धरती के किसी भी कोने में छिपने नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने सशस्त्र बलों को पूरी छूट दी है कि वे हमले का जवाब देने के लिए समय, स्थान और तरीके का चुनाव खुद करें। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने हाल ही में पीएम मोदी से मुलाकात कर समुद्री सुरक्षा और नौसेना की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की।
क्या है भारत की रणनीति?
विश्लेषकों का मानना है कि भारत का यह नौसैनिक ऑपरेशन न केवल पाकिस्तान को सैन्य दबाव में लाने के लिए है, बल्कि यह एक रणनीतिक संदेश भी है। भारत ने इंदुस जल संधि को निलंबित कर दिया है, पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का आदेश दिया है, और अटारी सीमा को बंद कर दिया है। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी औपचारिक व्यापारिक रिश्तों को खत्म कर दिया है। ये कदम दिखाते हैं कि भारत हर मोर्चे पर पाकिस्तान को जवाब देने के लिए तैयार है।
आगे क्या?
अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के एक साथ नौसैनिक अभ्यास ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। पाकिस्तान ने भी अपने युद्धपोतों के साथ मिसाइल और गन फायरिंग की ड्रिल शुरू की है, लेकिन भारत की नौसेना अपनी संख्या, तकनीक और निगरानी क्षमता में पाकिस्तान से कहीं आगे है। भारतीय नौसेना की यह तैनाती न केवल समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए है, बल्कि यह वैश्विक समुदाय को भारत की सैन्य ताकत और दृढ़ संकल्प को भी प्रदर्शित करता है।
भारत की यह रणनीति न केवल पाकिस्तान को जवाब देने की है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए भी है। जैसे-जैसे स्थिति विकसित हो रही है, दुनिया की नजरें अरब सागर पर टिकी हैं, जहां भारतीय नौसेना अपनी ताकत और संकल्प के साथ खड़ी है।