अयोध्‍या के राम मंदिर में अब शाही दरबार की होगी स्‍थापना

khabar pradhan

संवाददाता

8 April 2025

अपडेटेड: 7:00 AM 0thGMT+0530

अयोध्‍या के राम मंदिर में अब शाही दरबार की होगी स्‍थापना

अयोध्‍या के राम मंदिर में अब शाही दरबार की होगी स्‍थापना

बताया गया है कि यह पिछले वर्ष 22 जनवरी को हुए कार्यक्रम की तुलना में छोटा समारोह होगा। वही एक प्रकार से यह आयोजन राम मंदिर निर्माण का एक तरह से समापन समारोह भी होगा। साथ ही इस दौरान राम दरबार की स्‍थापना की जाएगा जिनकी मूर्तियों का निर्माण जयपुर के कारीगर कर रहे हैं।

राम लला के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के एक वर्ष बाद अयोध्या के राम मंदिर में अगले माह एक और प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह होगा। इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस समारोह में भगवान राम को राजा के रूप में स्‍थापित किया जाएगा। इसके बाद इस माह के अंत में मंदिर की पहली मंजिल पर राम दरबार या शाही दरबार की स्थापना की जाएगी। इस समारोह की तैयारी चल रही है। बताया गया है कि यह पिछले वर्ष 22 जनवरी को आयोजित भव्य कार्यक्रम के पैमाने की तुलना में छोटा होगा। प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे। आठ हजार से ज्‍यादा लोगों को न्‍योता दिया गया था।

यह आयोजन राम मंदिर निर्माण का एक तरह से समापन समारोह भी होगा। वही 2020 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से मंदिर निर्माण चल रहा है। साथ ही वर्तमान में मंदिर निर्माण समिति की अध्यक्षता पीएम के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा कर रहे हैं। मिश्रा ने हाल ही में बताया था कि मंदिर परिसर का निर्माण इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा, जबकि वही परकोटा या परिसर की दीवार पर शेष काम इस वर्ष के अंत से पहले पूरा हो जाएगा। मंदिर में लगभग 20,000 घन फुट पत्थर अभी तक नहीं रखा गया है। वही मंदिर में जो भी मूर्तियां प्राचीर के बाहर या अंदर हैं, वे 30 अप्रैल तक यहां होंगी और उनमें से लगभग सभी को 25 मार्च से 15 अप्रैल के बीच स्थापित किया जाएगा।

गौरतलब है कि राम लला की 51 इंच ऊंची मूर्ति-भगवान राम को कर्नाटक के कलाकार अरुण योगिराज ने तराशा था। साथ ही वहीं राम दरबार को जयपुर में मूर्तिकार प्रशांत पांडे के नेतृत्व में 20 कारीगरों की एक टीम सफेद मकराना संगमरमर में तराशा रही है। वही रामायण के सबसे लोकप्रिय संस्करण रामचरितमानस की रचना करने वाले संत तुलसीदास की एक विशाल प्रतिमा भी परिसर में स्थापित की जा रही है।

लगभग 20 एकड़ भूमि का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। साथ ही मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया गया है। इसकी लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट है। चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। यहां कुल 392 स्तंभों और 44 दरवाजों लगाए गए हैं।

जब पिछले वर्ष प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया था, तो गर्भगृह वाला भूतल पूरा हो गया था, जबकि परिसर में अन्य मंजिलों, मुख्य सर्पिल और अन्य तत्वों का निर्माण कार्य लंबित था। जानकार लोगों के मुताबिक, काम अब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और परकोटा सहित पूरा परिसर इस वर्ष पूरा हो जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय भी मुख्य मंदिर स्थल से लगभग 4 किमी की दूरी पर एक इमारत में बन रहा है। इसमें एक होलोग्राम होगा जो भगवान राम को जीवंत करेगा। यहां पुरातात्विक खुदाई के दौरान मिली वस्तुओं को भी संग्रहालय में जनता के देखने के लिए रखा जाएगा।

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