तमिलनाडु में श्री राम का पुतला जलाने पर बाबा बागेश्वर ने की आरोपियों की फांसी की मांग
Khabar Pradhan Desk
संवाददाता
4 October 2025, 9:55 AM
4 अक्टूबर 2025: तमिलनाडु में भगवान श्री राम का पुतला जलाने से विवाद उत्पन्न हो गया है । राम का पुतला जलाने से बाबा बागेश्वर ने विरोध जताया है और आरोपियों कोफांसी देने की मांग की है।
बाबा बागेश्वर ने कहा कि ये रावण खानदान के लोग हैं और इन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा । इस प्रकार की हरकतें धार्मिक आस्था पर चोट है । और दोषियों को सजा जरूर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा वहां की सरकार को कार्रवाई करना चाहिए ।उन्होंने यह भी बताया कि हर किसी के अपने आराध्य होते हैं ।किंतु किसी के आराध्य की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार मान्य नहीं हो सकता ।
जानकारी के अनुसार तमिलनाडु की पेरियार वादी संगठन यानी TDPK ने तमिलनाडु के चेन्नई के मलयापुर स्थित एक संस्कृत कॉलेज के बाहर राम सीता और लक्ष्मण के पुतले जलाकर एक विवाद उत्पन्न कर दिया। इस संगठन ने इसे रावणन लीला का नाम दिया है।
उन्होंने कहा उत्तर भारत में यह रामलीला का जवाब है।
पुलिस की सख्त व्यवस्था के बावजूद भी प्रदर्शन कारियों ने बैरीकेडिंग को तोड़ा और इस घटना को अंजाम दिया।
इस बारदात के बाद करीब 11 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
टीडीपी नेता एस.कुमारन ने कहा है कि उत्तर भारत में दशहरा के मौके पर हर वर्ष रावण मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले जलाए जाते हैं। उन्होंने उत्तर भारत में रावण हमारे पूर्वज माने जाते हैं। उनका पुतला जलाकर उनका अपमान किया जाता है। इसलिए इसका जवाब हमने रावणन लीला करके दिया है।
उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा था और रावण दहन रोकने की मांग की थी किंतु उन्हें कोई जवाब नहीं मिला था।
परियारवादी संगठन के अनुसार ऐसा पहली बार नहीं है जब यहां राम का पुतला दहन किया गया हो। यह परंपरा लंबे समय तक सक्रिय रही है।
1970 के दशक में भी रावणन लीला का आयोजन हुआ था। जिसमें श्री राम का पुतला दहन किया गया था।
इस विवादित आयोजन ने एक बार फिर रामायण, द्रविड़ राजनीति और भारत की सांस्कृतिक पहचान की बहस को बढ़ावा दिया है।