बलूचिस्तान ने की आज़ादी की घोषणा, मीर यार बलूच का पाकिस्तान को खुला चैलेंज
संवाददाता
14 May 2025
अपडेटेड: 11:46 AM 0thGMT+0530
बलूचिस्तान ने की आज़ादी की घोषणा, मीर यार बलूच का पाकिस्तान को खुला चैलेंज
भारत और संयुक्त राष्ट्र से की कई अहम मांगें, डेरा बुगती में हमले का दावा
पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान की आज़ादी की लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है. बलूच कार्यकर्ता और लेखक मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर बलूचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया है. इसके साथ ही “Republic of Balochistan Announced” हैशटैग ट्रेंड करने लगा। इस घोषणा के बाद मीर यार बलूच ने भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र से कई गंभीर मांगें की हैं.
भारत से बलूच दूतावास की अनुमति की मांग:
मीर यार बलूच ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “हमने अपनी आज़ादी का दावा कर दिया है. पाकिस्तान का आतंकवादी सिस्टम अब गिरने वाला है.” उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि दिल्ली में बलूचिस्तान का आधिकारिक दफ्तर और दूतावास खोलने की अनुमति दी जाए. उनका मानना है कि भारत लंबे समय से बलूच स्वतंत्रता संग्राम को समझता है और उसका नैतिक समर्थन करता आया है.
बलूच नेता ने यह भी बताया कि बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने डेरा बुगती के गैस फील्ड्स पर हमला किया है. यह गैस फील्ड पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्त्रोत माना जाता है. इससे पाकिस्तान को रणनीतिक और आर्थिक झटका लगा है.
संयुक्त राष्ट्र से शांति सेना भेजने की अपील:
मीर यार बलूच ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से मांग की कि वह तुरंत अपनी शांति सेना (Peacekeeping Force) बलूचिस्तान भेजे ताकि पाकिस्तान की सेना को वहां से निकाला जा सके. उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान की फौज, ISI और सभी गैर-बलूच प्रशासनिक अधिकारी बलूच क्षेत्र, समुद्र और एयरस्पेस को छोड़ दें. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान की सभी सैन्य और प्रशासनिक संपत्तियों को बलूचिस्तान को सौंपा जाए.
जल्द बनेगी अंतरिम बलूच सरकार, महिलाओं को मिलेगा प्रतिनिधित्व. यार बलूच ने ऐलान किया कि जल्द ही एक अंतरिम बलूच सरकार का गठन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बलूच राष्ट्र का भविष्य लोकतांत्रिक और समानता आधारित होगा.
उन्होंने यह भी बताया कि आज़ाद बलूच सरकार का आधिकारिक समारोह जल्द आयोजित किया जाएगा. इसके लिए दुनिया के मित्र देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा जाएगा ताकि अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल किया जा सके.
यह ऐलान पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज़ से एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है.