भारत-पाक युद्धों का इतिहास
संवाददाता
6 May 2025
अपडेटेड: 11:20 AM 0thGMT+0530
जब भी लड़ा, पाकिस्तान को मिली हार, भारतीय सेना ने दिखाया दम
जब भी लड़ा, पाकिस्तान को मिली हार, भारतीय सेना ने दिखाया दम
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के तनाव और पहलगाम आतंकी हमले के बाद पुराने युद्धों की चर्चा फिर से गर्म है। इतिहास गवाह है कि जब भी दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आईं, भारतीय सेना ने पाकिस्तान को निर्णायक हार दी। 1947 से 1999 तक हुए चार प्रमुख युद्धों में भारत ने हर बार अपनी सैन्य शक्ति और रणनीतिक कुशलता का परिचय दिया। आइए, जानते हैं इन जंगों में पाकिस्तान कितनी देर टिक पाया।
1947-48: पहला कश्मीर युद्ध
अक्टूबर 1947 में पाकिस्तान ने कश्मीरी कबाइलियों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर पर हमला किया। भारतीय सेना ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की और श्रीनगर को बचाने के साथ ही हमलावरों को खदेड़ दिया। युद्ध जनवरी 1949 तक चला, जब संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ। भारत ने कश्मीर का बड़ा हिस्सा अपने नियंत्रण में रखा। यह युद्ध करीब 14 महीने चला, लेकिन पाकिस्तान अपनी मंशा में कामयाब नहीं हुआ।
1965: दूसरा कश्मीर युद्ध
पाकिस्तान ने अगस्त 1965 में ऑपरेशन जिब्राल्टर के तहत कश्मीर में घुसपैठ शुरू की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। सितंबर में शुरू हुए पूर्ण युद्ध में भारत ने लाहौर और सियालकोट तक बढ़त बनाई। युद्ध 22 दिन चला और ताशकंद समझौते के साथ समाप्त हुआ। पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ, और उसका आक्रामक रुख विफल रहा।
1971: बांग्लादेश मुक्ति युद्ध
यह भारत की सबसे बड़ी सैन्य जीत थी। 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुए युद्ध में भारतीय सेना ने मात्र 13 दिनों में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। 16 दिसंबर को ढाका में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य समर्पण था। इस युद्ध से बांग्लादेश का जन्म हुआ। पाकिस्तान की सैन्य और नैतिक हार थी।
1999: करगिल युद्ध
मई 1999 में पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों ने करगिल में LOC पार कर कब्जा करने की कोशिश की। भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत जवाबी कार्रवाई की और जुलाई 1999 तक सभी चौकियां वापस ले लीं। यह युद्ध करीब दो महीने चला, जिसमें पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा। भारत ने अपनी सामरिक श्रेष्ठता साबित की।
वर्तमान परिदृश्य
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की सेना (14.5 लाख सैनिक, 76.6 अरब डॉलर का रक्षा बजट) आज पहले से कहीं अधिक आधुनिक और ताकतवर है। हाल के तनाव और पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल और रक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। 7 मई को 244 जिलों में होने वाली मॉक ड्रिल इसका हिस्सा है।
पाकिस्तान ने हर युद्ध में भारत के सामने हार मानी। भारतीय सेना का पराक्रम और रणनीति आज भी देश की ताकत का प्रतीक है।