11 सितंबर 2025: बिहार में अपराधी घटनाएं थमने का नाम नहीं लेनी है ।‌पटना में मंगलवार देर रात राजद नेता और प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार राय उर्फ आला राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
बिहार चुनाव के बीच राजद कार्यकर्ता की हत्या से सियासत गरमा गई है।
राजकुमार राय पर छह राउंड फायर किए गए हैं।
राजकुमार राय सीसीटीवी फुटेज में भागते हुए नजर आ रहे हैं और उनके पीछे हमलावर नजर आ रहा है। हमलावर एक है या उसके साथ और भी लोग शामिल है। यह तो जांच में पता चलेगा।ऐसा माना जा रहा है कि हमलावर घात लगाकर बैठे थे।
जैसे ही राजकुमार राय घर के पास पहुंचे।‌ घात लगाकर बैठे हुए हमलावर ने हमला कर दिया। राजकुमार राय भाग कर पास के होटल में चले गए तो हमलावरों ने पीछा किया और होटल में गोलियों से उन्हें भून दिया।
इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई है
जमीन विवाद और राजनीतिक रंजिश की आशंका जताई जा रही है। राजकुमार राय राघोपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। यह घटना पटना में राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास हुई।
इस वारदात के बाद हमलावर कंकड़बाग में रोड की ओर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से 6 गोलियों के खोखे बरामद कर लिए हैं। सीसीटीवी कैमरे और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार राजकुमार राय को दौड़ा-दौड़ा कर बदमाशों ने गोली मारी ।राजकुमार राय तेजस्वी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले थे।

कौन है राजकुमार राय:

राजकुमार राय उर्फ आला राय पंचायती राज प्रकोष्ठ राजद के वैशाली जिलाअध्यक्ष थे । वे राघोपुर के रहने वाले थे।
वे मूल रूप से वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी थे। वे कारोबारी थे और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय थे।
राजकुमार राय ने 2021 में राघोपुर जिला परिषद चुनाव लड़ा था किंतु उन्हें हार का सामना करना पड़ा । इसके पहले वह राजद से जुड़े रहे लेकिन बाद में इस्तीफा देकर स्वयं स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश की।
माना जा रहा है कि राजकुमार राय इस बार तेजस्वी यादव के खिलाफ राघोपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
इससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती देने की तैयारी में थे।
क्योंकि यहां से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विधायक है।


लगातार मिल रही थी धमकियां:
राजकुमार राय की बहन शीला देवी ने बताया कि उनके भाई को लगातार धमकियां मिल रही थी।‌ यह उनकी चुनावी तैयारी के कारण माना जा रहा है।
राजकुमार राय की हत्या सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है बल्कि यह आने वाले बिहार चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। यह हत्या केवल जमीन विवाद से ही जुड़ा हुआ नहीं है, इससे राघोपुर की सियासत के गहरे समीकरण जुड़े हुए हैं।
गांव वालों का कहना है कि राजकुमार राय जमीन की खरीद फरोख्त में भी शामिल थे। इससे उनके कई दुश्मन भी बन चुके थे। परिवार वालों का कहना है कि अगर आरोपियों की जल्दी गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे लोग शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

पुलिस आसपास लगे हुए सभी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है । फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत भी इकट्ठा किया है । शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।