योगी सरकार की नई पहल: ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ से किसानों को मिलेगी कर्ज से मुक्ति और आत्मनिर्भरता
संवाददाता
3 June 2025
अपडेटेड: 8:54 AM 0rdGMT+0530
Chief Minister Farmers Prosperity Scheme
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के लिए एक और महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने का ऐलान किया है। ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत लघु और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को लागू करने के लिए अधिकारियों को व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत सरकार सस्ती दरों पर ऋण, आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी, और भंडारण के लिए गोदामों के निर्माण को प्रोत्साहित करेगी। इसके अलावा, निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे ताकि किसानों को बेहतर बाजार और संसाधन उपलब्ध हो सकें।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
कर्ज से मुक्ति: सहकारी बैंकों के माध्यम से सस्ते ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। 2017 में जहां सहकारी बैंकों ने 9,190 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया था, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा 23,061 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आधुनिक कृषि को बढ़ावा: पीएम कुसुम योजना, खेत तालाब, ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर, और पॉली हाउस जैसी तकनीकों पर अनुदान दिया जाएगा।
भंडारण और विपणन: फसलों के भंडारण के लिए गोदामों का निर्माण और मंडियों में प्राकृतिक उपज को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। इसमें जैविक खाद, जीवामृत, और प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी। विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत वैज्ञानिक खेतों में जाकर किसानों को नई तकनीकों और बीजों की जानकारी देंगे। योजना का विशेष ध्यान बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन जिलों पर है, जहां कृषि उत्पादकता अपेक्षाकृत कम है। झांसी, चित्रकूट, गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, बस्ती, और देवीपाटन मंडल के जिलों में इस योजना को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा। इसके अलावा, गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
किसानों के लिए अन्य योजनाएं
योगी सरकार पहले से ही कई किसान हितैषी योजनाएं चला रही है, जैसे:
यूपी एग्रीस योजना: किसानों की उत्पादकता और निर्यात बढ़ाने के लिए शुरू की गई।
कार्बन फाइनेंस योजना: किसानों को पौधरोपण के जरिए कार्बन क्रेडिट से जोड़कर डॉलर में कमाई का अवसर। गोरखपुर, बरेली, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, और सहारनपुर मंडल के 25,140 किसान इससे जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री सुपोषण योजना: गरीब परिवारों को पशुधन उपलब्ध कराकर दूध की व्यवस्था और पोषण स्तर में सुधार।
मखाना खेती अनुदान: मखाना उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर 40,000 रुपये का अनुदान।
किसान उदय योजना: 10 लाख किसानों को मुफ्त सोलर पंप प्रदान करने की योजना।
मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, अगर गांव का किसान मजबूत होगा, तो राज्य भी समृद्ध होगा। यह योजना किसानों को कर्ज के जाल से निकालने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। किसान संगठनों ने इस योजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो उत्तर प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। हालांकि, कुछ संगठनों ने मांग की है कि योजना के तहत लाभार्थियों का चयन पूरी तरह निष्पक्ष हो और छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। सरकार का दावा है कि यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नई क्रांति लाएगी। योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया और पात्रता के लिए जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।