चीन का नया प्रोपेगैंडा, अरूणाचल प्रदेश की 27 जगहों के बदले नाम ?
संवाददाता
15 May 2025
अपडेटेड: 6:50 AM 0thGMT+0530
चीन का नया प्रोपेगैंडा, अरूणाचल प्रदेश की 27 जगहों के बदले नाम ?
चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा. लगातार भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाना चीन की हमेशा से ही हरकत रही है, जब उसका प्रोपेगैंडा फेल हो जाता है. तब वो पाकिस्तान को अपने थर्ड ड्रोन भेज कर भारत की सीमाओं पर हमला करवाता है. लेकिन जब वो उन हमलो में भी नाकाम हो जाता है.तब वो छेड़ता है प्रोपेगैंडा वॉर. दरअसल ऐसा ही कुछ चीन ने एक बार फिर से किया है. बता दें कि चीन ने अरूणाचल प्रदेश की 27 जगहों के नाम बदले हैं. जिनमें 15 पहाड़, 5 कस्बे, 4 पहाड़ी दर्रे, 2 नदियां और एक झील शामिल है.
चीनी सरकारी बेवसाइट पर अपलोड किए नए नाम:
बताया जा रहा है कि चीन ने ये लिस्ट अपनी सरकारी बेवसाइट ग्लोबल टाइम्स पर अपलोड़ किए हैं. इन जगहों के नाम मैंडेरिन यानी चीनी भाषा में रखे गए हैं. दावा तो ये भी किया जा रहा है कि बीते 8 सालों में चीन ने अरुणाचल की 90 से ज्यादा जगहों के नाम को अपने इसी प्रोपेगैंडा के चलते बदला है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा कि नाम बदलने की चीन की यह हरकत मूर्खतापूर्ण है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. चीन ने नाम बदलने में रचनात्मकता दिखाई है, लेकिन अरुणाचल भारत का अटूट हिस्सा है.
चीन अरुणाचल में अपना दावा जताने की कोशिश में इसके शहरों, गांवों, नदियों आदि के नाम बदलता रहा है. इसके लिए वह चीनी, तिब्बती और पिनयिन नाम देता है, लेकिन जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का रुतबा बढ़ रहा होता है ठीक उसी समय चीन की यह हरकत सामने आती है.
साल 2023 और 2024 में भी बदले थे नाम:
आपको बता दें कि 2023 में भारत ने G-20 शिखर सम्मेलन के समय एक बैठक अरुणाचल में की थी तब भी चीन ने इस क्षेत्र में कुछ नाम बदलने की घोषणा की थी. इससे पहले 2017 में दलाई लामा जब अरुणाचल आए थे तब भी नाम बदलने की हरकत की थी. दरअसल, चीन की यह हरकत काफी लंबे समय से चली आ रही है.लेकिन इसके पीछे का मकसद क्या है यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है.ऐसा ही कुछ साल 2024 में भी हुआ था जब चीन ने 11 रिहायशी इलाके, 12 पर्वत, 4 नदियां, एक तालाब और एक पहाड़ों के नाम बदले थे.