CM मोहन यादव की सख्त चेतावनी: परिणाम देने वाले कलेक्टर ही रहेंगे पद पर
संवाददाता
6 March 2026
अपडेटेड: 3:14 PM 0thGMT+0530
6 मार्च 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब केवल वही अधिकारी पद पर बने रहेंगे जो परिणाम देंगे और मैदान में काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और बेहतर प्रदर्शन के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।
कार्यालयीन समय का पालन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयीन समय का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में समय पर उपस्थिति और कामकाज सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री मंत्रालय में समाधान अभियान के राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक कर रहे थे l
जरूरत पड़ी तो सप्ताह में 6 दिन खुलेंगे दफ्तर
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं हुआ तो राज्य में सप्ताह में 6 दिन सरकारी कार्यालय खोलने की व्यवस्था लागू की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों को बेहतर सेवा देना सरकार की प्राथमिकता है।
किसानों को न हो किसी तरह की परेशानी
बैठक में मुख्यमंत्री ने गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
16 मार्च से शुरू होगा गेहूं उपार्जन
राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद 16 मार्च से शुरू होगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में यह प्रक्रिया 16 मार्च से 5 मई तक चलेगी, जबकि जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में 23 मार्च से 12 मई तक खरीद की जाएगी।
7 मार्च तक कर सकते हैं किसान पंजीयन
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे 7 मार्च तक अपना पंजीयन करवा लें, ताकि उपार्जन केंद्रों पर उन्हें समय पर गेहूं बेचने और भुगतान की सुविधा मिल सके l