तेजस्वी का तंज: ‘सीएम फेस पर जल्दी क्या, सब तय करेंगे!’
संवाददाता
15 April 2025
अपडेटेड: 10:13 AM 0thGMT+0530
राहुल-खड़गे संग बैठक में बिहार की सियासत गर्म"
राहुल-खड़गे संग बैठक में बिहार की सियासत गर्म”
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और सियासी पारा चढ़ने लगा है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने 15 अप्रैल 2025 को दिल्ली में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं—राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे—के साथ मुलाकात कर महागठबंधन की रणनीति को धार दी। तेजस्वी के ताजा बयान और इस बैठक ने बिहार की राजनीति में नया जोश भर दिया है।
तेजस्वी का चटपटा बयान
दिल्ली से लौटने के बाद तेजस्वी ने पत्रकारों से बातचीत में अपने अंदाज में तंज कसा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को एनडीए का नेता बताया लेकिन सीएम चेहरा स्पष्ट नहीं किया, तेजस्वी ने चुटकी लेते हुए कहा, “शाह जी कहते हैं नीतीश जी नेतृत्व करेंगे, लेकिन सीएम बनाएंगे, ये नहीं बोलते। अब नीतीश जी को तो बीजेपी ने हाईजैक कर लिया है, बिहार की जनता अब समझ चुकी है।”
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बढ़ते सवालों पर तेजस्वी ने हंसते हुए जवाब दिया, “आप लोग सीएम-सीएम चिल्लाते रहते हैं, अरे भाई, जल्दी क्या है? हम सब गठबंधन के नेता बैठेंगे, चाय-समोसे के साथ चर्चा करेंगे और सर्वसम्मति से फैसला लेंगे। बिहार की जनता को चिंता करने की जरूरत नहीं, सब कुछ सामने आएगा।” उन्होंने जोड़ा, “हमारी लड़ाई बिहार के हक के लिए है। बेरोजगारी, गरीबी और पलायन को खत्म करना हमारा मकसद है, न कि सिर्फ कुर्सी की सियासत।”
तेजस्वी ने यह भी संकेत दिया कि महागठबंधन की अगली बड़ी बैठक 17 अप्रैल को पटना में होगी, जहां सीट बंटवारे और रणनीति पर अंतिम मुहर लग सकती है। उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, “बिहार की जनता बदलाव चाहती है। 20 साल से एनडीए ने बिहार को सिर्फ वादे दिए, अब हिसाब का वक्त है।”
राहुल-खड़गे-तेजस्वी की बैठक: क्या हुआ?
मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस बैठक में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, खड़गे, केसी वेणुगोपाल, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और अन्य नेता शामिल थे। RJD की तरफ से तेजस्वी के साथ मनोज झा और संजय यादव मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई अहम मुद्दों पर गहन मंथन हुआ:
महागठबंधन को मजबूत करने की रणनीति: नेताओं ने एनडीए को टक्कर देने के लिए गठबंधन में एकजुटता पर जोर दिया। पिछले लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर हुई खींचतान से सबक लेते हुए इस बार शुरुआत से ही समन्वय बनाने की बात हुई।
सीट बंटवारे पर मंथन: कांग्रेस ने 243 सीटों में से 70 सीटों की मांग रखी, जबकि RJD 40-50 सीटें देने को तैयार है। सूत्रों का कहना है कि लालू प्रसाद यादव कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने के पक्ष में हैं। इस पर अंतिम फैसला पटना की बैठक में होगा।
मुख्यमंत्री चेहरा: तेजस्वी को RJD की ओर से सीएम उम्मीदवार के तौर पर पेश करने की मंशा साफ है, लेकिन कांग्रेस ने अभी इस पर खुलकर हामी नहीं भरी। राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि सीएम चेहरा बाद में तय हो सकता है, ताकि गठबंधन की एकता पर ध्यान रहे। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में और चर्चा की जरूरत बताई गई।
चुनावी मुद्दे और कैंपेन: राहुल गांधी ने बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा और सामाजिक न्याय को मुख्य मुद्दा बनाने पर जोर दिया। खड़गे ने सुझाव दिया कि गठबंधन का कैंपेन ग्रामीण और युवा मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार हो। तेजस्वी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को फिर उठाने की बात कही।
नए सहयोगियों की संभावना: बैठक में पप्पू यादव और अन्य क्षेत्रीय नेताओं को गठबंधन में शामिल करने पर भी विचार हुआ। कन्हैया कुमार की बिहार में सक्रियता को बढ़ाने की रणनीति भी बनी।
बैठक का सियासी असर
यह बैठक महागठबंधन के लिए एक नई शुरुआत का संकेत देती है। तेजस्वी का आत्मविश्वास और राहुल-खड़गे के साथ उनकी केमिस्ट्री विपक्षी एकता को मजबूती दे रही है। हालांकि, सीट बंटवारे और सीएम चेहरे पर अभी सहमति बनना बाकी है। बीजेपी ने इस बैठक पर तंज कसते हुए कहा, “RJD और कांग्रेस का गठबंधन सिर्फ सत्ता की खींचतान है, बिहार की जनता इन्हें मौका नहीं देगी।”
आगे क्या?
तेजस्वी ने साफ किया कि 17 अप्रैल को पटना में होने वाली बैठक में कई बड़े फैसले लिए जाएंगे। दूसरी ओर, मल्लिकार्जुन खड़गे 19-20 अप्रैल को बिहार दौरे पर बक्सर में रैली करेंगे और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। बिहार की सियासत में तेजस्वी के इस बयान और दिल्ली की बैठक ने माहौल गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि महागठबंधन अपनी रणनीति को कितनी मजबूती से जमीन पर उतार पाता है।