शशि थरूर से परेशान कांग्रेस, क्या भाजपा में शामिल हो सकते हैं थरूर ?

khabar pradhan

संवाददाता

15 May 2025

अपडेटेड: 6:47 AM 0thGMT+0530

शशि थरूर से परेशान कांग्रेस, क्या भाजपा में शामिल हो सकते हैं थरूर ?

Congress worried about Shashi Tharoor, could Tharoor join BJP?

क्या थरूर जल्द होंगे भाजपा में शामिल और आखिर थरूर के बयानों से क्यों परेशान है कांग्रेस.दरअसल, बीते कई महीनों से देखा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के सबसे वरिष्ट नेता शशि थरूर कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं..दरअसल, कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC की बुधवार को दिल्ली में बैठक हुई. इसमें ऑपरेशन सिंदूर पर पार्टी के कुछ नेताओं, जिनमें शशि थरूर का नाम भी शामिल हैं.उनके दिए गए बयानों पर चर्चा की गई. साथ ही केंद्र सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर के राजनीतिकरण का आरोप भी लगाया.

क्या था शशि थरूर का बयान:

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में कहा गया कि, ‘ये निजी विचार व्यक्त करने का समय नहीं है, बल्कि पार्टी के आधिकारिक रुख को स्पष्ट करने का समय है. हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं, और लोग अपनी राय व्यक्त करते रहते हैं, लेकिन इस बार थरूर ने लक्ष्मण रेखा पार कर ली है.
दरअसल, शशि थरूर ने 8 मई को केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और दुनिया के लिए मजबूत संदेश है. भारत ने 26 बेकसूर नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए एकदम सटीक कार्रवाई की है.
CWC ने अपने प्रस्ताव में कहा कि राष्ट्र दुख और संकल्प में एकजुट है. भारतीय सशस्त्र बलों ने समय-समय पर हमारे राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए वीरता के साथ आगे आकर काम किया है.
कांग्रेस ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश के डिफेंस फोर्स ने किया है, इसलिए कोई भी राजनीतिक दल इस पर अपना विशेष दावा नहीं कर सकता, जैसा कि भाजपा कर रही है.
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर हुई बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी और CWC के दूसरे मेंबर और नेता भी मौजूद रहे.

बैठक में सरकार के सामने ये सवाल:

दरअसल, इस CWC की बैठक में कई बाते कही गईं जिसमें सरकार के सामने कुछ सवाल भी रखे गए जैसे अभी तक पहलगाम हमले की कोई जवाबदेही नहीं ली गई, आतंकी गिरफ्तार नहीं किए गए.और पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कार्रवाई का अचानक खत्म होने जैसे कई सवाल कांग्रेस पार्टी ने पूछे.लेकिन सोचने वाली बात ये है कि CWC की बैठक में कांग्रेस ने ये भी कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर देश के डिफेंस फोर्स ने किया है, इसलिए कोई भी राजनीतिक दल इस पर अपना विशेष दावा नहीं कर सकता, जैसा कि भाजपा कर रही है.

क्या है कांग्रेस का दोहरापन:

चलिए एक बार को कांग्रेस के इस बयान को ACCEPT भी कर लेते हैं लेकिन सोचने वाली बात ये है कि क्या कांग्रेस ने सीजफायर खत्म होने के बाद 1971 की जंग का उदाहरण देकर राजनीति करने की कोशिश नहीं कि थी.क्या कांग्रेस ने इंदिरा होना आसान नहीं के पोस्टर नहीं लगाए थे.या फिर हर मुद्दे की तरह इस मुद्दे पर भी कांग्रेस का दोहरा रवैया है..खैर ये तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं.और रही बात कांग्रेस की लोकतांत्रिक पार्टी होने की तो कांग्रेस उतनी ही लोकतांत्रिक है जितना 1975 में भारत को आजादी थी.

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