बदलते मौसम के कारण बढ़ रहा डेंगू चिकनगुनिया का खतरा
संवाददाता
13 September 2025
अपडेटेड: 12:09 PM 0thGMT+0530
13 सितंबर 2025 : मौसम में बदलाव ,रुक-रुक कर बारिश और बदलते मौसम के कारण डेंगू और चिकनगुनिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मौसम में उतार-चढ़ाव से बीमारियां भी पैर पसारने लगती हैं।
मानसून और मानसून के बाद के मौसम में चिकनगुनिया के मामले बढ़ जाते हैं। जब रुके हुए पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप सबसे ज्यादा होता है।
चिकनगुनिया के वायरस के संक्रमण से जोड़ों में दर्द का होता है। इसमें मुख्य रूप से कलाई , घुटने और कभी-कभी कंधे और कूल्हों में भी दर्द बढ़ जाता है।
इस वायरस का संक्रमण तेज होने पर बुखार ,जोड़ों में और मांसपेशियों में दर्द होता है।
चिकनगुनिया एक ऐसा वायरस होता है जो मच्छरों के काटने से फैलता है। इसका संक्रमण ,संक्रमित मच्छर यदि किसी दूसरे व्यक्ति को काटता है तब फैलता है।
स्वास्थ्य विभाग ने ये दावा किया है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अगस्त तक इन दोनों बीमारियों के मरीजों की संख्या में कमी आई है।
राजधानी भोपाल में 2024 में अगस्त तक डेंगू के कुल 172 और चिकनगुनिया के 45 मरीज पाए गए थे।
मलेरिया विभाग के अनुसार उन क्षेत्रों चिन्हित किया है जिसमें डेंगू चिकनगुनिया के मामले सबसे ज्यादा आए हैं । साकेत नगर ,महामाई का बाग ,बरखेड़ी कला, अवधपुरी, शाहजहानाबाद और शहीद नगर ऐसे क्षेत्र है जहां डेंगू चिकनगुनिया के मामले सबसे ज्यादा पाए गए हैं।
मलेरिया विभाग के अनुसार अब तक 7500 मरीजों की जांच की गई है। जनवरी से अब तक 32789 घरों में सर्वे किया गया है । जिसमें 100161 घर में डेंगू मच्छर के लार्वा पाए गए हैं।
बचाव का तरीका:
मलेरिया विभाग के अनुसार डेंगू और चिकनगुनिया के बचाव के लिए लगातार सर्वे किया जा रहा है। और लार्वा को नष्ट करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बचाव का सबसे अच्छा तरीका मच्छरों की उत्पत्ति को रोकना है। लोग स्वयं भी साफ सफाई रखें। पानी न जमा होने दे । बुखार आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी:
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है । कहा गया है कि बार-बार मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ रही है । लोग अपनी इम्यूनिटी बनाए रखें । बाहर के खाने से बचें । हवा में नमी और तापमान में उतार चढ़ाव के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है । इसमें से डेंगू और मलेरिया सबसे प्रमुख होते हैं।
इसके अलावा सामान्य बुखार ,टाइफाइड, फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्या भी हो सकती है । बाहर के खान-पान से बचें।
किन बातों का रखें ध्यान:
रुक रुक कर हो रही बारिश और बदलते मौसम के कारण डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है।
इस मौसम में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं । हवा में नमी और प्रदूषण बढ़ जाता है। एलर्जी जैसी समस्या बढ़ जाती है।
तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिर दर्द, गले में खराश रहना जैसी समस्या हो सकती है।
हाथों के साफ रखते रहें।
स्वच्छ पानी पिए, ताजा भोजन लें।
मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें । पौष्टिक आहार लें। व्यायाम नियमित करें।