बुखार, सिरदर्द और प्लेटलेट्स की कमी जैसे 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज
संवाददाता
24 April 2025
अपडेटेड: 1:42 PM 0thGMT+0530
बुखार, सिरदर्द और प्लेटलेट्स की कमी जैसे 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज
5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जानें कारण, बचाव और घरेलू उपाय
हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना और इसके बचाव के उपायों को बढ़ावा देना है। मलेरिया एक परजीवी जनित रोग है, जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह बीमारी विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों, जैसे भारत, में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बच्चों और गर्भवती महिलाएं इस बीमारी के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। आइए, विश्व मलेरिया दिवस 2025 के अवसर पर जानते हैं मलेरिया के कारण, लक्षण, जोखिम कारक और घरेलू उपाय। यह खबर वेबसाइट पर प्रकाशन के लिए कॉपीराइट मुक्त है और बिना किसी बदलाव के उपयोग की जा सकती है।
मलेरिया के प्रमुख कारण
मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण होता है, जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है। ये मच्छर आमतौर पर सूर्यास्त के बाद और रात में सक्रिय होते हैं और गंदे, स्थिर पानी में प्रजनन करते हैं। मलेरिया के पांच मुख्य परजीवी प्रकार हैं, जिनमें प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम सबसे खतरनाक है, जो मस्तिष्क मलेरिया और मृत्यु का कारण बन सकता है। भारत में मलेरिया का 3% वैश्विक बोझ है, खासकर मानसून के महीनों (जुलाई से नवंबर) में जब मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है।
मलेरिया के 5 प्रमुख लक्षण: इन्हें न करें नजरअंदाज
मलेरिया के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 10-15 दिन बाद दिखाई देते हैं। शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ये हैं मलेरिया के 5 प्रमुख लक्षण:
बुखार: तेज बुखार, जो ठंड लगने के साथ आता है। यह बुखार 48-72 घंटे के अंतराल पर लौट सकता है।
सिरदर्द: लगातार सिरदर्द, जो सामान्य दवाओं से ठीक नहीं होता।
ठंड लगना और कंपकंपी: शरीर में ठंडक और कांपने की स्थिति।
प्लेटलेट्स की कमी: मलेरिया में रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम हो सकती है, जो रक्तस्राव और कमजोरी का कारण बनता है।
थकान और मांसपेशियों में दर्द: गंभीर थकान, जोड़ों में दर्द और सामान्य कमजोरी।
अन्य लक्षणों में मतली, उल्टी, पीलिया, और गंभीर मामलों में मस्तिष्क मलेरिया (सिरदर्द, दौरे, कोमा) शामिल हो सकते हैं। अगर बुखार के साथ ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
मलेरिया के जोखिम कारक
कुछ लोग मलेरिया के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिनमें शामिल हैं:
बच्चे: 5 साल से कम उम्र के बच्चे, जिनका इम्यून सिस्टम अभी विकसित हो रहा है।
गर्भवती महिलाएं: हार्मोनल और इम्यून बदलाव के कारण जोखिम बढ़ता है, जिससे गर्भपात या अन्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है।
कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग: HIV/AIDS या अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग।
यात्री: उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग, जहां मलेरिया आम है।
स्थिर पानी वाले क्षेत्र: जहां मच्छरों का प्रजनन अधिक होता है, जैसे ग्रामीण और शहरी स्लम क्षेत्र।
मलेरिया से बचाव के उपाय
मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने और उनके प्रजनन को रोकना है। ये हैं कुछ महत्वपूर्ण उपाय:
मच्छरदानी का उपयोग: रात में सोते समय कीटनाशक-लेपित मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग करें।
मच्छर भगाने वाली क्रीम: Odomos या DEET युक्त क्रीम का उपयोग करें, खासकर सुबह और शाम के समय।
स्थिर पानी को हटाएं: बाल्टी, टायर, गमले, या अन्य जगहों पर जमा पानी को नियमित रूप से खाली करें।
इनडोर रेसिडुअल स्प्रे (IRS): उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में दीवारों और छतों पर कीटनाशक छिड़काव करें।
लंबे कपड़े पहनें: सुबह और शाम के समय पूरी बांह के कपड़े और मोजे पहनें।
एंटी-मलेरियल दवाएं: यदि आप मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में यात्रा कर रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर प्रोफिलैक्टिक दवाएं लें।
मलेरिया के लिए घरेलू उपाय
मलेरिया का पूर्ण इलाज केवल डॉक्टर की सलाह और एंटी-मलेरियल दवाओं से संभव है, लेकिन कुछ घरेलू उपाय लक्षणों को कम करने और रिकवरी में मदद कर सकते हैं। इनका उपयोग डॉक्टर की सलाह के साथ करें:
पपीते का रस: पपीते के पत्तों का रस प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकता है।
तुलसी: तुलसी की चाय या पत्तों का काढ़ा बुखार और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद है।
अदरक और शहद: अदरक का रस और शहद मिलाकर पीने से बुखार और सूजन में राहत मिलती है।
हाइड्रेशन: नारियल पानी, नींबू पानी, और ORS पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें।
हल्का भोजन: दलिया, खिचड़ी, और फल जैसे पपीता और केला खाएं, जो पाचन में आसान हों।
मलेरिया का इलाज और जागरूकता
मलेरिया का इलाज तुरंत शुरू करना जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर आर्टेमिसिनिन-बेस्ड कॉम्बिनेशन थेरेपी (ACT) या क्लोरोक्वीन जैसी दवाएं देते हैं, जो परजीवी के प्रकार पर निर्भर करता है। गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है। विश्व मलेरिया दिवस 2025 का थीम जागरूकता, सामुदायिक प्रयासों, और नवाचार पर केंद्रित है। भारत में मलेरिया नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा मच्छरदानी वितरण, IRS, और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
क्यों जरूरी है विश्व मलेरिया दिवस?
मलेरिया हर साल लाखों लोगों की जान लेता है, और भारत जैसे देशों में इसके नियंत्रण के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास जरूरी हैं। विश्व मलेरिया दिवस सरकारों, संगठनों, और व्यक्तियों को एक मंच प्रदान करता है ताकि वे मलेरिया के खिलाफ प्रगति को प्रदर्शित करें और अनुसंधान व हस्तक्षेप कार्यक्रमों के लिए निवेश को बढ़ावा दें। इस दिन सामुदायिक जागरूकता, शैक्षिक अभियान, और धन संग्रह जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।