Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना:

khabar pradhan

संवाददाता

2 July 2025

अपडेटेड: 1:35 PM 0ndGMT+0530

Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना:


 02 जुलाई 2025:कल होगा बाबा बर्फानी का दर्शन:

अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से पहला जत्था शिविर से रवाना हो चुका है ।कड़ी सुरक्षा के बीच एल जी मनोज सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जत्थे को रवाना किया है, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी का जयकारा लगाया । पहला जत्था कल बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा. बाता दें की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तक चलने वाली है । जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है, जिसके लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और जेएनके पुलिस को यात्रा मार्ग पर तैनात किया गाया है ।

बाबा बर्फानी के दर्शन और अमरनाथ यात्रा:
क्या है इस यात्रा का महत्व.
अमरनाथ गुफा हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है ।भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है अमर नाथ गुफा ।अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है क्योंकि इसी जगह पर भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था । इसीलिए यह यात्रा और इस गुफा को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है.

अमरनाथ यात्रा जिसे एक पवित्र यात्रा कहा जाता है, उसकी शुरूआत कल यानि 3 जुलाई से होने वाली है । अमरनाथ यात्रा हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होती है और सावन की पूर्णिमा तिथि पर यह समाप्त हो जाती है । साल 2025 में 9 अगस्त तक अमरनाथ यात्रा चलेगी । इस दौरान भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उनकी पवित्र गुफा अमरनाथ की यात्रा करते हैं ।

साल 2025 में अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था 3 जुलाई, गुरुवार के दिन रवाना होगा, जो बालटाल और पहलगाम के रास्ते से होकर ‘बाबा बर्फानी’ के पवित्र गुफा तक पहुंचेगा । अमरनाथ के पवित्र गुफा भक्तों के दर्शन के लिए सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे खुलती है ।

अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व:
धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा वही पवित्र स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था । इसी वजह से इसे अमरनाथ कहा जाता है । यहां प्राकृतिक रूप से हर साल बर्फ का शिवलिंग बनता है, जिसे बाबा बर्फानी कहा जाता है।

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