GST पर आया बड़ा फैसला: आईए जानें आम आदमी को कितना होगा फायदा
संवाददाता
4 September 2025
अपडेटेड: 12:16 PM 0thGMT+0530
क्या है 12% और 28% का स्लैब: क्या हुआ सस्ता क्या हुआ महंगा जानें
4 सितंबर 2025 :
मोदी सरकार ने GST को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है… 15 अगस्त को ही लाल किले की प्राचीर से जब ये ऐलान हुआ था तो जनता इतना भरोसा नहीं कर पा रही थी… केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई 56 वीं GST काउंसिल की बैठक में एक नहीं बड़े फैसले लिए गए हैं…जो आमआदमी की जेब को हल्का कर गये….इसमें सबसे ज्यादा ध्यान मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए किया गया है….सबसे ज्यादा टैक्स का भार भी इसी वर्ग पर रहता है…..सबसे अहम बदलाव अब जीएसटी में सिर्फ दो ही टैक्स स्लैब होंगे,… 5परसेंट और 18 परसेंट…
सबसे अहम बदलाव :
जीएसटी में सिर्फ दो टैक्स स्लैब
5 फीसदी और 18 फीसदी:
22 सितंबर से लागू:
ये सभी फैसले 22 सितंबर से लागू होंगे… चलिए अब विस्तार से समझते हैं इस पूरे टैक्स गेम को… अब तक जीएसटी में 5परसेंट, 12परसेंट, 18परसेंट और 28परसेंट की दरें लागू थीं
5% और 12%
18% और 28%
दरें लागू थीं
अब 12% और 28% वाले स्लैब खत्म! लेकिन सरकार ने 12परसेंट और 28परसेंट वाले स्लैब खत्म कर दिए हैं… यानी अब सिर्फ दो स्लैब रहेंगे 5परसेंट और 18परसेंट…अब इसको लेकर निर्मला सीतारमण का कहना है कि ये सिर्फ टैक्स सुधार नहीं बल्कि रचनात्मक बदलाव है, जो लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगा… इस बैठक की खास बात ये रही कि जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए, किसी भी राज्य ने असहमति नहीं जताई…अब सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या कुछ सस्ता भी हुआ है…तो इसको लेकर बताया जा रहा है कि हेयर ऑयल, साबुन और साइकिल पर अब सिर्फ 5 परसेंट जीएसटी लगेगा…अल्ट्रा हाई टेंपरेचर मिल्क, छेना, रोटी, खाखरा, पराठा और ब्रेड पर जीरो जीएसटी…आम, अमरूद, घी और मक्खन जैसे रोजमर्रा के सामान पर भी सिर्फ 5परसेंट…
हेयर ऑयल, साबुन और साइकिल
पर सिर्फ 5% जीएसटी
अल्ट्रा हाई टेंपरेचर मिल्क, छेना, रोटी,
खाखरा, पराठा और ब्रेड पर जीरो जीएसटी
आम, अमरूद, घी और मक्खन और
रोजमर्रा के सामान पर भी सिर्फ 5%
जीवन रक्षक पर बड़ा फैसला:
इसके अलावा इंश्योरेंस सेक्टर को बड़ी राहत बताया जा रहा है कि लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है… जीवनरक्षक दवाइयां, स्वास्थ्य से जुड़े उत्पाद और कुछ मेडिकल उपकरणों पर टैक्स घटाया गया है. इनपर 12% या 18% से घटाकर जीएसटी 5% कर दी गई है.
हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर को बड़ी राहत
जीवनरक्षक दवाइयां, मेडिकल उपकरणों
पर टैक्स घटाया गया है
18% से घटाकर जीएसटी 5%
इसके अलावा बादाम, पिस्ता, , काजू और खजूर पर अब केवल 5% टैक्स लगेगा जो पहले 12% था. वॉशिंग मशीन, टीवी सेट, छोटी कारें और 350 सीसी तक की मोटरसाइकिल का 28परसेंट जीएसटी खत्म कर केवल 18 परसेंट कर दिया गया है…सीमेंट पर भी टैक्स घटाकर 18परसेंट किया है…तो वंही हस्तशिल्प, संगमरमर और ग्रेनाइट पर अब सिर्फ 5परसेंट जीएसटी लगेगा…
बादाम, पिस्ता, , काजू और खजूर
पर अब केवल 5% टैक्स
वॉशिंग मशीन, टीवी सेट, छोटी कारें
और 350 सीसी तक की मोटरसाइकिल पर
केवल 18 परसेंट जीएसटी
हस्तशिल्प, संगमरमर ग्रेनाइट और
खेल का सामान पर
अब सिर्फ 5परसेंट जीएसटी
महंगे शौक हुए और महंगे:
लेकिन वंही दूसरी तरफ महंगे शौक पर महंगा जीएसटी बरकरार रहेगा….वल्कि और ज्यादा बढ़ा दिया गया है….सभी ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अब 18परसेंट टैक्स देना होगा…350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिल और प्राइवेट एयरक्राफ्ट पर 40 परसेंट जीएसटी…तंबाकू उत्पाद, पान मसाला और सिगरेट पर 40परसेंट टैक्स…..इसके अलावा शुगर ड्रिंक्स और ऐरेटेड पेय पदार्थों पर भी 40परसेंट जीएसटी…साथ ही लग्जरी आइटम्स और फास्ट फूड पर टैक्स का असर देखने को मिलेगा……
ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अब 18परसेंट टैक्स
350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिल और
प्राइवेट एयरक्राफ्ट पर 40 फीसदी जीएसटी
तंबाकू उत्पाद, पान मसाला और
सिगरेट पर 40 फीसदी टैक्स
शुगर ड्रिंक्स और एअरटाइट पेय पदार्थों पर
40 फीसदी जीएसटी।
इस बैठक और इन अहम फैसलों के बाद पीएम मोदी का भी एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X पोस्ट में लिखा कि
मैंने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में GST में अगली पीढ़ी के सुधार की बात कही थी… सरकार ने टैक्स दरों को सरल करने और प्रक्रिया में सुधार का प्रस्ताव तैयार किया था… खुशी है कि जीएसटी काउंसिल ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी… इससे आम लोग, किसान, MSME, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा लाभान्वित होंगे…इसके अलावा असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि राज्य 5 परसेंट और 18परसेंट के दो स्लैब के प्रस्ताव के साथ है… हालांकी हर बार की तरह इस बार भी विपक्ष ने भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कि जिसके चलते कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने सवाल उठाया कि ये सुधार अभी क्यों किए गए… क्या इसके पीछे सुस्त आर्थिक विकास, बढ़ता घरेलू कर्ज, घटती बचत, आने वाले बिहार चुनाव या अमेरिकी टैरिफ का दबाव है.
तृणमूल कांग्रेस ने इसे जनता की जीत बताया ।
बीमा प्रीमियम पर टैक्स लगाना जनविरोधी था।
ममता बनर्जी ने शुरू से इसका विरोध किया था… TMC ने चेतावनी दी कि वो संसद और सड़क दोनों जगह ऐसे फैसलों का विरोध जारी रखेगी… अब अगर इन फैसलों का असर राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था पर देखें तो पता चलता है कि GST दरों में कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और जीवन-यापन की लागत घटेगी… उद्योग को बिक्री और उत्पादन बढ़ाने का मौका मिलेगा…साथ ही, सरकार पर दबाव रहेगा कि भविष्य के फैसले समय रहते और पारदर्शी तरीके से लिए जाएं… राजनीतिक रूप से देखें तो ये कदम चुनावी साल में आम आदमी और मिडिल क्लास को राहत देने वाला माना जा रहा है…
सरकार गरीब और मिडिल क्लास के लिए नए फैसले लेने जा रही है…हालांकी ट्रंप के टैरिफ के बाद भी अगर सरकार ने जीएसटी दरों को घटाया है..तो इसमें एक बात तो साफ है कि सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय उत्पाद की बिक्री हो…..जिससे अमेरिका से निर्भरता पूरी तरह से खत्म हो जाए…..स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिले…अब त्योहारी सीजन में आम जनता की सारी बचत खुद के लिए होगी…जो सरकार पर टैक्स के रूप में चली जाती थी….तो ये बचत त्योहारी सीजन में संजीवनी बनकर आया है..
क्या भाजपा के खिलाफ विपक्ष सरकार इस फैसले को बिहार में राजनीतिक मुद्दा बनाता है या फिर सरकार इस पर वोट बटोरकर दोबारा सत्ता की कुर्सी उड़ा ले जायेगी…