MP में इन जिलों में आंधि-बारिश का भारी अलर्ट,बदलते मैसम में शामिल हैं ये शहर
संवाददाता
14 May 2025
अपडेटेड: 9:31 AM 0thGMT+0530
MP में इन जिलों में आंधि-बारिश का भारी अलर्ट,बदलते मैसम में शामिल हैं ये शहर
मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री जल्द ही हो सकती है. माना जा रहा है कि 15 जून तक पूरे प्रदेश में बारिश शुरू हो जाएगी.लेकिन इससे पहले पूरे प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो. बुधवार को राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के 25 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में मौसम बदला रहेगा, वहीं जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में गर्मी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है.
जिन जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें भोपाल, मुरैना, भिंड, नीमच, मंदसौर, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं. इन जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
क्या कहते हैं जानकार;
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में सिस्टम सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है और यह स्थिति 17 मई तक बनी रह सकती है. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में कुछ जिलों में तेज हवाएं 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी आशंका है.
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम को देखते हुए सतर्क रहें और बेवजह बाहर न निकलें. विशेष रूप से किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं. साथ ही, मौसम से संबंधित अपडेट पर नजर बनाए रखें.
10 दिन में दिखने लगेंगे मौसम के रूझान:
प्रदेश में सबसे पहले जिन जिलों में मानसून दस्तक देगा, उनमें बालाघाट, सिवनी, मंडला, बैतूल, बुरहानपुर जैसे जिले शामिल हैं. इन जिलों के रास्ते से मानसून राज्य में प्रवेश करेगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून के राज्य में पहुंचने के 10 दिनों के भीतर यह पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लेगा. इसका मतलब है कि जून के अंत तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की शुरुआत हो सकती है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य रहने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है. इससे खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई समय पर शुरू होने की उम्मीद है. मानसून की समय पर आमद से न केवल खेती-किसानी को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जल स्रोतों की स्थिति भी बेहतर होगी.
मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि वे मौसम से संबंधित अपडेट पर नजर बनाए रखें और कृषि गतिविधियों की योजना उसी के अनुरूप बनाएं. समय पर मानसून का आना प्रदेश के लिए सुखद संकेत है और इससे गर्मी से भी राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है