आई लव मोहम्मद के बैनर और पोस्टर से बढ़ता विवाद
Khabar Pradhan Desk
संवाददाता
4 October 2025, 11:20 AM
4 अक्टूबर 2025 : भारत पर आई लव मोहम्मद के पोस्टर और बैनर से विवाद बढ़ता ही जा रहा है।
पहले कानपुर में अब बरेली में इस प्रदर्शन से विवाद गहरा रहा है।
और यह विवाद बढ़ते -बढ़ते कई शहरों में भी फैलता हुआ दिख रहा है । जैसे बरेली ,गाजियाबाद ,काशीपुर और कई जगहों तक प्रदर्शन कर दिखाये जा रहे हैं।
कानपुर में आई लव मोहम्मद का बैनर लगाने पर FIR दर्ज होने के बाद यह प्रदर्शन कई शहरों में फैल चुका है और कई शहरों में प्रदर्शन भी हो रहे हैं।
कानपुर के रावतपुरा इलाके सैय्यद नगर में रामनवमी पर शोभा यात्रा के दौरान आई लव मोहम्मद के बैनर पोस्टर दिखाएं ।जिससे वहां के स्थानीय लोगों ने उसे बैनर को विवादित बताया और पुलिस से इसे हटाने की मांग की और मामला दर्ज किया गया।
विवाद कब से बढ़ा:
बरेली में इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसलिंग के अध्यक्ष मौलाना ताकिब रजा ने 26 सितंबर को बरेली के इस्लामिया ग्राउंड में लोगों के इकट्ठा होने की अपील की। जिसके बाद से वहां तनाव फैल गया। और यह तनाव इतना अधिक बढ़ गया कि प्रशासन को शहर बंद करना पड़ा और इंटरनेट पर रोक लगाना पड़ा।
मामला बन गया संवेदनशील:
कुछ लोगों को ऐसा महसूस होता है कि आई लव मोहम्मद जैसा वाक्य लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है।
कुछ लोगों का यह मानना है इसे सार्वजनिक रूप से प्रचारित करना दूसरे धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है । इसलिए यह विवाद एक राजनीतिक मोड़ ले चुका है।
और अब यह माना जा रहा है कि इस तरह के बैनर धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने का कार्य कर रहे हैं । इससे समाज में विभाजन उत्पन्न हो रहा है।
असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि यदि लोग आई लव मोदी बोल सकते हैं और भगवानों के पोस्टर दिखा सकते हैं तो आई लव मोहम्मद बोलने में क्या बुराई है।
एक्शन की प्रतिक्रिया:
आई लव मोहम्मद के पोस्टर लगाने से हिंदू समुदाय भी आई लव महाकाल के पोस्टर लगाने का अभियान छेड़ चुका है। जिससे यह मुद्दा अधिक संवेदनशील बन गया है। इससे समाज में तरह-तरह की प्रतिक्रया देखने को मिल रही है। कभी-कभी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने की भी खबरें आ रही है।
खुफिया रिपोर्ट का यह दावा है कि आई लव मोहम्मद एक टूल किट है और हिंदू त्योहारों से पहले धार्मिक भावनाओं को भड़काने का कार्य करने की प्लानिंग है। इससे यह महसूस होता है कि यह एक सोची समझी प्लानिंग है।
आई लव मोहम्मद का मामला कानपुर से शुरू होकर कई शहरों में बरेली, लखनऊ यहां तक की भोपाल में भी फैल चुका है। और इस तरह के बैनर और पोस्टर को राजनीतिक माहौल से भी जोड़ा जा रहा है । जिससे यह दो धर्म के बीच टकराव का रूप ले सकता है।