भारत-पाक DGMO वार्ता आज: ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर शांति…
संवाददाता
12 May 2025
अपडेटेड: 6:31 AM 0thGMT+0530
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सीमा पर बीती रात शांति बनी रही। इस बीच, दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) आज दोपहर 12 बजे हॉटलाइन पर महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे। इस बैठक में सीजफायर को और मजबूत करने और सीमा पर स्थिरता सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी। यह वार्ता 10 मई को हुए सीजफायर समझौते के बाद हो रही है, जिसकी पहल पाकिस्तान ने की थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। आइए, इस घटनाक्रम के सभी बड़े अपडेट्स को विस्तार से जानते हैं।
सीमा पर राहत: एक शांत रात
भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, 10 मई को सीजफायर समझौते के बाद 11 मई की रात जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान की सीमा पर कोई उल्लंघन दर्ज नहीं हुआ। यह 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने के बाद पहली शांत रात थी, जब पाकिस्तान ने लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया था। राजस्थान के बाड़मेर में ड्रोन गतिविधियों की अफवाहें सामने आई थीं, लेकिन जांच में ये गलत साबित हुईं। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रही।
DGMO वार्ता: क्या है प्रमुख एजेंडा?
आज दोपहर 12 बजे होने वाली DGMO वार्ता में भारत और पाकिस्तान सीजफायर को स्थायी बनाने पर ध्यान देंगे। भारतीय DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उल्लंघन का जवाब सख्त होगा। वार्ता के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
सीजफायर का अनुपालन:
10 मई के समझौते को पूरी तरह लागू करना।
आतंकवाद पर नियंत्रण:
भारत, पाकिस्तान से सीमा पार आतंकी गतिविधियों को रोकने की मांग करेगा।
सीमा पर शांति:
ड्रोन हमलों और गोलीबारी को रोकने की रणनीति।
रक्षा विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव ने कहा, “यह वार्ता सीजफायर को दीर्घकालिक बनाने और तनाव कम करने में महत्वपूर्ण होगी।”
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद पर करारा प्रहार
‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई को शुरू हुआ, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 लोग, ज्यादातर पर्यटक, मारे गए थे। DGMO राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख आतंकी शामिल थे। इनमें IC-814 अपहरण और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड भी थे। भारतीय वायुसेना ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस को भी नष्ट किया, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ।
पाकिस्तान को भारी नुकसान: 35-40 सैनिक हताहत
DGMO राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तानी सेना ने 35-40 सैनिक खोए। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनमें भारत ने 5 सैनिकों की शहादत दी। घई ने कहा, “हमने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। पाकिस्तान को समझना होगा कि उल्लंघन की कीमत चुकानी पड़ेगी।”
सीजफायर की शुरुआत: पाकिस्तान की पहल
10 मई को पाकिस्तानी DGMO ने भारतीय समकक्ष को हॉटलाइन पर कॉल कर सीजफायर की पेशकश की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोपहर 3:35 बजे बातचीत शुरू हुई, और शाम 5 बजे से दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई। हालांकि, उसी रात पाकिस्तान ने समझौते का उल्लंघन किया, जिसके बाद भारत ने कड़ा जवाब दिया। विश्लेषकों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर से हुए नुकसान ने पाकिस्तान को वार्ता की मेज पर आने के लिए मजबूर किया।
विपक्ष की मांग: संसद का विशेष सत्र
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। कांग्रेस नेता खुरशिद अहमद ने कहा, “सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए कि पहलगाम जैसे हमले क्यों हो रहे हैं।” इसके जवाब में BJP ने विपक्ष पर “राष्ट्रविरोधी” बयानबाजी का आरोप लगाया।
अंतरराष्ट्रीय नजरिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा का श्रेय लेते हुए कहा कि वह कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों के साथ काम करेंगे। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया कि कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं कर रहा। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने NSA अजीत डोवल से बात कर शांति की अपील की।
आगे क्या?
आज की DGMO वार्ता से सीमा पर स्थायी शांति की उम्मीद है, लेकिन भारतीय सेना ने चेतावनी दी है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। सेना ने कहा, “हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।” जम्मू-कश्मीर, nautical mile और राजस्थान में हाई अलर्ट जारी है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की सख्त नीति ने पाकिस्तान को वार्ता के लिए मजबूर किया।
शांति की उम्मीद
भारत-पाक DGMO वार्ता और
बीती रात की शांति सीमा पर तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दुनिया के सामने रखा। जनता की नजर आज की बैठक पर टिकी है, जो सीजफायर को दीर्घकालिक बनाने में अहम हो सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे अफवाहों से बचें और सुरक्षा बलों का सहयोग करें।