30 अप्रैल 2006:
खबर प्रधान डेस्क:
वानखेड़े स्टेडियम में सबसे बड़ा रन चेज:
243 रन बनाकर भी हार गई मुंबई इंडियंस:

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने उतरी। जिसमें पांच विकेट खोकर 243 रन बनाएं। जैक्स ने 22 गेंदों में 46 रन बनाए, जबकि रेयान रिकेल्टन ने 55 गेंदों में 8 चौकों और 10 छक्कों के साथ 123 रन की नाबाद और शानदार पारी  खेली।

वानखेड़े स्टेडियम में हैदराबाद सनराइजर्स ने 244 रनों के विशाल टारगेट का पीछा करते हुए शुरुआती 1 से 6 ओवरों के बीच 5 वां सबसे बड़ा स्कोर बनाया। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंद में 45 रन की शानदार पारी खेली‌ ।‌ ट्रेविस हेड ने 30 गेंद में 8  छक्कों और चार चौकों के साथ 76 रन बनाए। हेनरी क्लासेन में 30 गेंदों में 65 रन की नाबाद पारी खेली।

मुंबई इंडियन्स ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर में पांच विकेट पर 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया । इसके जवाब में हैदराबाद ने 18.4 ओवर में चार विकेट पर 249 रन बनाकर जीत पक्की कर ली।
मैन ऑफ़ द मैच:
इसके पहले वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 221 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
मुंबई इंडियंस में जब हैदराबाद को 244 रन का विशाल लक्ष्य दिया तो ऐसा लग रहा था कि मुंबई इंडियंस आसानी से  जीत जाएगी । लेकिन हैदराबाद सनराइजर्स अपने फार्म में चल रही है ,जिससे टीम ने मेजबान की उम्मीद पर पानी फेर दिया । मुंबई के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह फिर अपना कमाल नहीं दिखा सके।  उन्होंने चार ओवर में 54 रन दिए, लेकिन कोई विकेट लेने में असफल रहे । ए एम गजनफर ने दो विकेट लिए।  हैदराबाद के लिए मैच विजयी पारी खेलने वाले  हैनरिक क्लासेन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
दूसरी पारी में ओस गिरने से गेंदबाजों को हुई दिक्कत:
मुंबई इंडियन ने टॉस जीतने के बाद पहले बैटिंग करने का फैसला किया।  लेकिन इस मैच में दूसरी पारी के दौरान ओस आ गई । इससे गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो गया और 244 रन का टारगेट हैदराबाद ने आसानी से कवर कर लिया।
ओस से क्या होती है परेशानी:
मैदान में यदि ओस गिरने लगे तो गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है । उसके कारण गेंद गीली हो जाती है और चिकनी हो जाती है।  शायद साबुन की टिकिया जैसी हो जाती है । इस वजह से उसे पकड़ना और उसे ग्रिप करना मुश्किल होता है।  जिससे गेंदबाज लाइन लेंथ सही नहीं डाल पाते और फील्डर्स को भी कैच लेने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।