जेडीयू पर सरकारी फंड के दुरुपयोग का आरोप
संवाददाता
19 April 2025
अपडेटेड: 7:38 AM 0thGMT+0530
तेजस्वी यादव बोले- 'महिला संवाद' के नाम पर 600 चुनावी रथ मंगवाए गए
तेजस्वी यादव बोले- ‘महिला संवाद’ के नाम पर 600 चुनावी रथ मंगवाए गए
पटना: बिहार की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि JDU सरकारी धन का दुरुपयोग कर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम के नाम पर JDU ने 600 चुनावी रथ मंगवाए हैं, जिनका इस्तेमाल पार्टी के प्रचार के लिए किया जा रहा है।
तेजस्वी ने शुक्रवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “JDU ‘महिला संवाद’ के बहाने सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च कर रही है। ये 600 रथ, जो कथित तौर पर महिलाओं से संवाद के लिए हैं, असल में JDU का चुनावी प्रचार कर रहे हैं। इन रथों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और JDU नेताओं के पोस्टर लगे हैं, और इनका खर्चा बिहार सरकार के खजाने से हो रहा है।” उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया और चुनाव आयोग से इसकी जांच की मांग की।
तेजस्वी ने उठाए सवाल
तेजस्वी ने JDU पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर यह कार्यक्रम वास्तव में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए है, तो इसमें JDU के प्रचार का क्या काम? उन्होंने पूछा, “क्या सरकारी पैसों से किसी पार्टी का प्रचार करना नैतिक है? यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है।” RJD नेता ने दावा किया कि इन रथों को बिहार के सभी 38 जिलों में भेजा गया है, और प्रत्येक र Ascend Analytics की रिपोर्ट के अनुसार, यह रथ सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च करके बनाए गए हैं।

JDU का जवाब
JDU ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम सरकार का एक आधिकारिक आयोजन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना है। JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “तेजस्वी यादव बौखलाहट में बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। यह कार्यक्रम पूरी तरह से पारदर्शी है और इसका कोई राजनीतिक मकसद नहीं है।”
राजनीतिक माहौल गर्म
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। RJD और JDU के बीच पहले से ही तनाव चल रहा है, और इस नए आरोप ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा चुनावी कैंपेन में अहम भूमिका निभा सकता है, क्योंकि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप मतदाताओं के बीच संवेदनशील मुद्दा है।
चुनाव आयोग की भूमिका
तेजस्वी ने चुनाव आयोग से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और JDU के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर इसकी जांच नहीं हुई, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाएगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या चुनाव आयोग इस मामले में कोई कदम उठाएगा या यह विवाद केवल सियासी बयानबाजी तक सीमित रहेगा।