कमल हासन को हाईकोर्ट की फटकार
संवाददाता
3 June 2025
अपडेटेड: 10:14 AM 0rdGMT+0530
Kamal Haasan reprimanded by the High Court
आप इतिहासकार नहीं, माफी क्यों नहीं?’ कन्नड़ विवाद ने मचाया तहलका!”
दक्षिण भारत के सुपरस्टार और मशहूर अभिनेता कमल हासन एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्म या अभिनय नहीं, बल्कि कर्नाटक हाईकोर्ट की कड़ी फटकार है। कन्नड़ भाषा को लेकर दिए गए उनके एक बयान ने न केवल कर्नाटक में विवाद खड़ा किया, बल्कि हाईकोर्ट के जज को भी भड़का दिया। जज ने कमल हासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “आपको ऐसी बातें कहने का कोई अधिकार नहीं है।” यह मामला उनकी आगामी फिल्म ‘ठग लाइफ’ की रिलीज पर लगी रोक से जुड़ा है, जिसके खिलाफ कमल हासन ने कोर्ट का रुख किया था। आइए, इस पूरे विवाद की कहानी को गहराई से समझते हैं और जानते हैं कि आखिर क्यों हाईकोर्ट ने कमल हासन पर इतना गुस्सा जाहिर किया।
“कन्नड़ भाषा पर बयान, शुरू हुआ सियासी तूफान”
कमल हासन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि कन्नड़ भाषा का जन्म तमिल भाषा से हुआ है। इस बयान ने कर्नाटक में भारी बवाल मचा दिया, क्योंकि कन्नड़ भाषा और संस्कृति को लेकर वहां के लोग बेहद संवेदनशील हैं। कन्नड़ संगठनों और स्थानीय नेताओं ने इस बयान को कन्नड़ भावनाओं का अपमान बताते हुए कमल हासन की आलोचना शुरू कर दी। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने उनकी फिल्म ‘ठग लाइफ’ की रिलीज पर रोक लगा दी। इस रोक के खिलाफ कमल हासन ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट में उनकी सुनवाई के दौरान जज ने उनके रवैये पर सवाल उठाए और उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
“हाईकोर्ट का सवाल: ‘आप
इतिहासकार हैं या भाषाविद?’”
कर्नाटक हाईकोर्ट में जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने कमल हासन को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा, “आपने किस आधार पर यह बयान दिया? क्या आप इतिहासकार हैं या भाषाविद? आपकी टिप्पणी ने कन्नड़ भाषा और संस्कृति को ठेस पहुंचाई है।” जज ने कमल हासन के माफी न मांगने के रवैये पर भी नाराजगी जताई और पूछा, “आप माफी क्यों नहीं मांगते?” कोर्ट ने यह भी कहा कि कन्नड़ भाषा के प्रति उनकी टिप्पणी गैर-जिम्मेदाराना थी और इससे कर्नाटक के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इस सुनवाई ने कमल हासन को मुश्किल में डाल दिया, क्योंकि कोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल कोई राहत नहीं दी।
“‘ठग लाइफ’ पर खतरा: रिलीज रोकने का फैसला”
कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ को लेकर कर्नाटक में विरोध तेज हो गया है। कन्नड़ संगठनों ने मांग की है कि जब तक कमल हासन अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते, उनकी फिल्म को राज्य में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। कर्नाटक सरकार ने भी इस दबाव में उनकी फिल्म पर रोक लगा दी। कमल हासन ने इस रोक को हटाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने उनके रवैये को देखते हुए सख्त टिप्पणी की। जज ने कहा, “आपकी फिल्म की रिलीज से पहले आपको अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए।” यह मामला अब न केवल सियासी, बल्कि सांस्कृतिक विवाद का रूप ले चुका है।
“कमल हासन का रुख: माफी से इनकार”
हाईकोर्ट की फटकार के बावजूद कमल हासन ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया है। कमल हासन का कहना है कि उनका इरादा कन्नड़ भाषा या संस्कृति का अपमान करना नहीं था। हालांकि, उनका यह रुख कर्नाटक में विरोध को और भड़का रहा है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों और आलोचकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके बयान को एक तथ्य के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे कन्नड़ गौरव पर हमला मान रहे हैं।
“कर्नाटक में सांस्कृतिक संवेदनशीलता का सवाल”
कन्नड़ भाषा और संस्कृति कर्नाटक के लोगों के लिए गर्व का विषय है। पिछले कुछ सालों में कन्नड़ भाषा को लेकर कई बार विवाद हो चुके हैं, और स्थानीय संगठन इस मुद्दे पर बेहद मुखर रहे हैं। कमल हासन का बयान ऐसे समय में आया है, जब कर्नाटक में क्षेत्रीय अस्मिता और भाषा को लेकर संवेदनशीलता चरम पर है। कन्नड़ संगठनों का कहना है कि कमल हासन जैसे प्रभावशाली व्यक्ति को अपनी बात कहने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए थी। यह विवाद एक बार फिर क्षेत्रीय भाषाओं और सांस्कृतिक गौरव के सवाल को राष्ट्रीय मंच पर ला खड़ा करता है।
“सोशल मीडिया पर तीखी बहस”
कमल हासन के बयान और हाईकोर्ट की फटकार ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। कुछ यूजर्स ने कमल हासन का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत समझा गया है, और यह केवल एक भाषाई चर्चा थी। वहीं, कन्नड़ भाषी यूजर्स और संगठनों ने इसे अपनी संस्कृति पर हमला बताया। एक यूजर ने लिखा, “कमल हासन को माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उनकी टिप्पणी ने लाखों कन्नड़ भाषियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।” इस विवाद ने न केवल कमल हासन की छवि को प्रभावित किया है, बल्कि उनकी फिल्म ‘ठग लाइफ’ की रिलीज पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
“कमल हासन का सियासी और सांस्कृतिक प्रभाव”
कमल हासन न केवल एक अभिनेता हैं, बल्कि एक राजनेता भी हैं। उनकी पार्टी ‘मक्कल निधि मय्यम’ तमिलनाडु में सक्रिय है, और वह हमेशा से सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं। लेकिन इस बार उनका बयान उनके लिए मुश्किल खड़ी कर गया है। कर्नाटक में उनकी फिल्म पर लगी रोक और हाईकोर्ट की फटकार ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है। यह विवाद उनके सियासी और सांस्कृतिक प्रभाव को भी प्रभावित कर सकता है।
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क्या करेगा कमल हासन?”
कमल हासन के सामने अब दो रास्ते हैं—या तो वह माफी मांगकर इस विवाद को शांत करें, या फिर अपने बयान पर अड़े रहें और कोर्ट के फैसले का इंतजार करें। कर्नाटक हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि उनकी टिप्पणी गैर-जिम्मेदाराना थी, और माफी मांगने से यह मामला सुलझ सकता है। लेकिन कमल हासन का माफी से इनकार इस विवाद को और लंबा खींच सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस स्थिति से कैसे निपटते हैं और उनकी फिल्म ‘ठग लाइफ’ की रिलीज का क्या भविष्य है।