कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की हिंदू विरोधी परेड
संवाददाता
5 May 2025
अपडेटेड: 9:49 AM 0thGMT+0530
भारतीय नेताओं के पुतले पिंजरे में, तनाव बढ़ा
भारतीय नेताओं के पुतले पिंजरे में, तनाव बढ़ा
कनाडा के टोरंटो में खालिस्तानी समर्थकों ने एक हिंदू विरोधी परेड निकाली, जिसने भारत-कनाडा संबंधों में नया तनाव पैदा कर दिया। इस परेड में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के पुतलों को पिंजरे में कैद दिखाया गया। परेड में 8 लाख हिंदुओं को भारत वापस भेजने की मांग की गई, जिसे भारत ने “अपमानजनक” और “हिंदू विरोधी” करार दिया।
परेड में एक बड़े ट्रक पर जेल का मॉडल था, जिसमें भारतीय नेताओं के पुतले थे। नारे और बैनर खालिस्तानी समर्थन और हिंदू विरोधी भावनाओं को दर्शाते थे। भारत सरकार ने कनाडा से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे “भारत विरोधी प्रचार” बताया और कनाडा सरकार से इसकी निंदा करने को कहा।
कनाडा में हाल के वर्षों में खालिस्तानी गतिविधियां बढ़ी हैं, खासकर सिख समुदाय के कुछ वर्गों में। 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो के बयान, जिसमें उन्होंने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था, ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाया। भारत ने इन आरोपों को “बेतुका” बताकर खारिज किया।
सोशल मीडिया पर इस परेड की तीखी आलोचना हो रही है। कुछ एक्स पोस्ट्स में इसे “खालिस्तानी गुंडागर्दी” और “ISI समर्थित” करार दिया गया, जबकि अन्य ने कनाडा की नई सरकार से कार्रवाई की उम्मीद जताई। यह घटना भारत-कनाडा संबंधों और कनाडा में धार्मिक सहिष्णुता पर सवाल उठाती है।