कानपुर में दर्दनाक अग्निकांड
संवाददाता
5 May 2025
अपडेटेड: 6:19 AM 0thGMT+0530
कारोबारी परिवार की पांच जिंदगियां लील गई आग
कारोबारी परिवार की पांच जिंदगियां लील गई आग
कानपुर के चमनगंज इलाके में गांधी नगर की एक चार मंजिला इमारत में रविवार रात भीषण आग लगने से एक परिवार की पांच जिंदगियां खत्म हो गईं। इस हृदयविदारक हादसे में जूता कारोबारी संजय अग्रवाल (45), उनकी पत्नी अनीता अग्रवाल (42) और उनकी तीन बेटियां—काव्या (13), प्रियांशी (9) और काव्यांशी (7)—जिंदा जल गए। आग की लपटों में घिरे परिवार का एक मार्मिक दृश्य सामने आया, जब एक बेटी का शव अपनी मां से लिपटे हुए मिला।
हादसा रात करीब 8 बजे शुरू हुआ, जब इमारत के निचले हिस्से में स्थित जूता-चप्पल के कारखाने में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि तीसरी और चौथी मंजिल पर रह रहे परिवार के पास भागने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटों की तीव्रता के आगे वे बेबस रहे। दमकल विभाग को सूचना मिलने पर कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन परिवार को बचाया नहीं जा सका।
बचाव कार्य देर रात तक चला। दमकलकर्मियों ने पहले तीन शव बरामद किए, जिनमें माता-पिता और एक बेटी शामिल थे। बाद में दो अन्य बेटियों के शव भी मिले। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मामले की गहन जांच कर रही हैं।
इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार के लिए सहायता का ऐलान किया है और इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा कारखानों और आवासीय इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है।