“लखनऊ की सड़कों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जश्न, ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा शहर!”

khabar pradhan

संवाददाता

7 May 2025

अपडेटेड: 7:56 AM 0thGMT+0530

“लखनऊ की सड़कों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जश्न, ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा शहर!”

"लखनऊ की सड़कों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' का जश्न, 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शहर!"

लखनऊ, 7 मई 2025: भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर की गई जबरदस्त एयरस्ट्राइक के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उत्साह और देशभक्ति का अभूतपूर्व माहौल देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों लोग ‘भारत माता की जय’ और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए उत्सव मनाते नजर आए। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’: आतंक के खिलाफ भारत का करारा जवाब
7 मई की तड़के भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। इनमें जैश-ए-मोहम्मद के चार, लश्कर-ए-तैयबा के तीन और हिजबुल मुजाहिदीन के दो ठिकाने शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में करीब 90 आतंकी मारे गए, और आतंकी संगठनों के मुख्यालयों को भारी नुकसान पहुंचा। खास बात यह रही कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से आतंकी ठिकानों तक सीमित था, और किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया।

पहलगाम हमले के बाद देशभर में गुस्सा और आक्रोश का माहौल था। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में आतंकियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के विंग ‘द रजिस्टेंट फ्रंट’ ने ली थी।

लखनऊ में जश्न का माहौल
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खबर जैसे ही लखनऊ पहुंची, शहर के 1090 चौराहे, हजरतगंज, गोमती नगर और अन्य प्रमुख स्थानों पर लोग सड़कों पर उतर आए। विश्व हिंदू रक्षा परिषद और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तिरंगे झंडे लहराए, आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाया। साधु-संतों ने भी हाथों में तिरंगा लेकर ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। स्थानीय लोगों ने भारतीय सेना की इस कार्रवाई को पहलगाम हमले का करारा जवाब बताया और इसे राष्ट्रीय गौरव का क्षण करार दिया।

लखनऊ के निवासी रमेश तिवारी ने कहा, “हमारी सेना ने दिखा दिया कि भारत अब चुप नहीं रहेगा। पहलगाम में हमारे भाइयों-बहनों की हत्या का बदला ले लिया गया। यह हर भारतीय के लिए गर्व का पल है।” एक अन्य नागरिक, प्रिया सिंह, ने कहा, “यह ऑपरेशन न केवल आतंकियों के लिए सबक है, बल्कि दुनिया को भी भारत की ताकत का अहसास कराता है।”
नेताओं की प्रतिक्रिया: एकजुटता का संदेश
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने इस एयरस्ट्राइक को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा, “भारत ने पहलगाम का बदला ले लिया है। पूरे देश में खुशी की लहर है, और लोग सड़कों पर उतरकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।” उन्होंने भारतीय सेना की बहादुरी को सलाम किया और कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

कांग्रेस नेता अजय राय ने भी इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा, “भारतीय सेना ने आतंक के गढ़ में घुसकर उसे नेस्तनाबूद कर दिया। यह पहलगाम हमले के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है।”

पाकिस्तान की बौखलाहट और वैश्विक प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को “आक्रामक” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने भारत के तीन राफेल विमानों और एक ड्रोन को मार गिराया, लेकिन भारत ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने अपनी हवाई सीमा को 48 घंटों के लिए बंद कर दिया, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

वैश्विक स्तर पर, अमेरिका ने भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा कि वह भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों से शांति और संयम की अपील की। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस मामले पर चर्चा की संभावना जताई है।

पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने नकली वर्दी पहनकर पर्यटकों पर हमला किया था। उन्होंने हिंदू पर्यटकों की पहचान पूछकर उन पर गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। इस हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी, आंध्र प्रदेश के मधुसुधा राव और नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल सहित 26 लोग शहीद हो गए। हमले का एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सामने आया, जिसमें आतंकी निहत्थे पर्यटकों पर गोलियां बरसाते दिखे।

भारत की तैयारियां और भविष्य
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है। देशभर के 244 जिलों में 7 मई को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की गई, जिसमें लखनऊ भी शामिल था। यह 1971 के बाद पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी कवायद हुई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत ने पहलगाम हमले का जवाब दे दिया है, लेकिन हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी।” विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने की अपील की।

लखनऊ का संदेश: एकता और गर्व
लखनऊ की सड़कों पर देखा गया यह जश्न न केवल भारतीय सेना की वीरता का उत्सव था, बल्कि यह देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ संकल्प का भी प्रतीक था। शहरवासियों ने एक स्वर में कहा, “हमारी सेना ने आतंकियों को उनके घर में घुसकर सबक सिखाया। यह भारत की ताकत है, यह भारत का गौरव है!”

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