Madhya Pradesh News: खाद संकट, मुख्यमंत्री के नाम खून से लिखा पत्र
संवाददाता
9 September 2025
अपडेटेड: 1:37 PM 0thGMT+0530
9 सितंबर 2025: मध्यप्रदेश में खाद संकट अभी टला नहीं है…पानी सर से ऊपर चला गया जब मुख्यमंत्री के नाम खून से खत लिखकर पीड़ा बताई गई है….सतना जिले के किसान अपने खेतों के लिए खाद की बोरियों के इंतजार में रात भर जागने को मजबूर हैं… दिन-रात लाइन में खड़े किसानों को कहीं लाठियां पड़ रही है…. वहीं, कुछ जगहों तो कहीं अन्नदाता आपस में भिड़ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर घंटों कतार में खड़ी रहती हैं….इसी गंभीर मुद्दे को किसान कांग्रेस के बुंदेलखंड प्रभारी आशुतोष द्विवेदी ने मुख्यमंत्री के नाम खून से चिट्ठी लिखी है…इस पत्र में उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार बार-बार दावा करती है कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तो फिर सतना जिले के किसानों तक खाद क्यों नहीं पहुंच पा रही है? पत्र लिखकर उन्होंने मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर को सौंपा है। कांग्रेस नेता का कहना है किसानों को खाद के लिए घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है…लेकिन शाम तक निराशा ही मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी समितियों और गोदामों तक खाद पहुंच रही है। लेकिन वास्तविक किसानों तक उसका वितरण सही तरीके से नहीं हो रहा। उन्होंने इस अव्यवस्था के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया …. आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि खरीफ सीजन की फसलें खाद के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। किसान कर्ज डूब रहे हैं….अपने खून से लिखे खत में कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। और सीएम को चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर कांग्रेस सड़क पर उतरेगी…
वही वृहत्ताकार सहकारी संस्था लहार में कल दोपहर उमस भरी गर्मी में खाद के लिए लाइन में लगे किसानों पर प्रधान आरक्षक रामराज सिंह गुर्जर ने बेरहमी से लाठियां चलाई । जिससे 6 किसान घायल हो गए । भिंड के एसपी डॉअसित यादव ने प्रधान आरक्षक रामराज गुर्जर को निलंबित कर दिया है। किसान यहां लंबे समय से कतार में लगे थे । इस दौरान किसानों को बैठने के लिए कहा गया तो कुछ किसान खड़े रहे । तभी ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक गुर्जर को गुस्सा आ गया और गुर्जर ने गुस्से में आकर किसानों पर पीछे से लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। इस घटना के बाद एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे तो किसानों ने कहा कि अब तो लाठियां भी चल चुकी ,अब तो खाद दिलवा दो। एसडीओपी में कहा कि वह व्यवस्था बना रहे हैं ।उनकी ड्यूटी व्यवस्था बनाने में है । खाद उपलब्ध कराने में नहीं । तब किसान फिर आक्रोशित हो गए और किसानों ने कहा कि जब सहयोग नहीं कर सकते तो यहां आने की क्या जरूरत है??