मध्य प्रदेश में डोल ग्यारस की धूम: बारिश के बीच झांकियों के साथ हजारों लोग शामिल
संवाददाता
4 September 2025
अपडेटेड: 12:24 PM 0thGMT+0530
4 सितंबर 2025: मध्यप्रदेश में इन दिनों डोल ग्यारस का पर्व की धूम है… इंदौर, उज्जैन भोपाल समेत प्रदेशभर में बारिश के बीच डोल निकाले जा रहे हैं….और झांकियों के साथ हजारों लोग इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं……इसी बीच सबसे खास नजारा उज्जैन में देखने को मिला, जहां भैरवगढ़ स्थित काल भैरव मंदिर से बाबा काल भैरव की सवारी राजसी वैभव के साथ निकाली गई…… इस मौके पर प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए… सीएम ने तीन बत्ती चौराहे से टॉवर चौक तक पैदल यात्रा की और भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया…साथ ही सीएम ने बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार रुपये और सभी झांकियों को 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की… जगह-जगह बने स्वागत मंचों पर सीएम का पुष्पमालाओं और साफे से सम्मान किया गया…इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को डोल ग्यारस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि अयोध्या में श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं और भगवान ने चाहा तो जल्द ही मथुरा में भी गोपाल कृष्ण मुस्कराएंगे…आपको बता दें कि सवारी की शुरुआत से पहले कलेक्टर और एसपी ने काल भैरव की प्रतिमा का पूजन किया और पालकी को कंधा लगाकर आगे बढ़ाया… इस मौके पर भगवान काल भैरव को सिंधिया एस्टेट की ओर से नई लाल पगड़ी धारण कराई गई…डोल ग्यारस का ये आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम साबित हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति से हिस्सा लिया…
भोपाल में चल समारोह: बप्पा के साथ चले बाल गोपाल
झमाझम बारिश के बीच शहर में कल बुधवार को डोल ग्यारस पर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को विदाई दी और लड्डू गोपाल को घाट भ्रमण भी कराया गया। डोल ग्यारस उत्सव समिति की ओर से चल समारोह पीपल चौक से दोपहर 1:00 बजे शुरू हुआ । इसमें चांदी के सिंहासन पर भोपाल के राजा सहित तकरीबन 100 प्रतिमाएं शामिल थी। वही 70 डोल भी शामिल थे। इस चल समारोह में श्रद्धालु जन गणपति बप्पा और राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
बारिश के कारण प्रतिमाओं को पन्नियों और छातों से ढका गया। यह चल समारोह सावरकर चौक, लखीमपुर ,सोमवार जनकपुरी, चार बत्ती सहित विभिन्न मार्गो से होता हुआ रात्रि 8:00 बजे खटलापूरा पहुंचा । यहां श्री भगवान गणेश का विसर्जन किया गया । शहर में अनंत चतुर्दशी पर भी एक चल समारोह निकाला जाएगा।
बड़े गमले में भी किया गया विसर्जन:
खटलापुरा घाट पर बने कुंड में पूरे दिन गणेश विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। वहीं प्रेम पुर, शाहपुर घाट पर भी अस्थाई कुंडों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया । कई लोगों ने घरों में टब में और गमले में भगवान गणेश का विसर्जन किया।
चल समारोह:
इस चल समारोह में 100 से अधिक प्रतिमाएं रही। जिसमें 70 से अधिक डोल थे। एक विंटेज कार में राधा कृष्ण की झांकी भी सजाई गई। चांदी के सिंहासन पर गणेश जी की प्रतिमा काफी आकर्षण का केंद्र रही। चांदी, पीतल ,लकड़ी के डोल में यशोदा नंदन भी घाट भ्रमण में शामिल हुए।