मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव संत सच्चिदानंद महाराज के अंतिम दर्शन में हुए शामिल
संवाददाता
9 February 2026
अपडेटेड: 6:24 PM 0thGMT+0530
परमहंस आश्रम में संत सच्चिदानंद को दी गई समाधि: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित कई नेता शामिल हुए
मुंबई से परमहंस आश्रम में लाई गई संत सच्चिदानंद की देह, आखिरी दर्शन को मुख्यमंत्री- उपमुख्यमंत्री सहित कई नेता पहुंचे
सतना के धारकुण्डी धाम में स्वामी सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने पर कल रविवार को परमहंस आश्रम धारकुंडी में श्रद्धा और शोक का सैलाब उमड़ पड़ा। मुंबई के निकट बदलापुर आश्रम में शनिवार को महाराज का निधन हुआ । उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से दोपहर 12:30 बजे धार कुंडी पहुंचा।
जहां भक्तों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उम्र पड़ी करीब 2 किलोमीटर तक भक्तों की भीड़ का जमावड़ा लगा रहा।
दोपहर 1:00 बड़े आश्रम में उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया देर शाम तक भक्तों का अंतिम दर्शन करने का तांता लगा रहा।
सच्चिदानंद महाराज ने अपने जीवन काल में ही धारकुंडी आश्रम के गर्भ ग्रह में अपनी समाधि स्थल का चयन कर लिया था जहां आज सोमवार को विधि विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई। इस दौरान वहां सुरक्षा के भी कई इंतजाम किए गए।
अंतिम दर्शन को पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव:
संत सच्चिदानंद के अंतिम दर्शन को रविवार की शाम सीएम डॉ मोहन यादव आश्रम पहुंचे । पुष्पांजलि देकर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज का अवसान आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है । उनका जीवन सेवा ,साधना और प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देगा । मुख्यमंत्री ने गुरु भाई स्वामी अड़गड़ानंद महाराज से भी भेंट की।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रविवार श्याम लगभग 4:25 पर आश्रम पहुंचे और वहां उन्होंने महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए मुख्यमंत्री की अगवानी में सांसद गणेश सिंह, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह निक्की मौजूद रहे। इसके पहले उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और नगरीय विकास और आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बाघेरी भी संत महाराज के अंतिम दर्शन हेतु पहुंचें।
धारकुंडी वाले महाराज सच्चिदानंद की पार्थिव देह सतना जाते समय जबलपुर के लम्हेटा बाईपास से गुजरी। जानकारी लगते ही सुबह से ही लम्हेटा बाईपास से लेकर जबलपुर सतना राजमार्ग के किनारे दूर-दूर तक अनुयाई संत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हाईवे पर फूल बिछाकर संत को श्रद्धांजलि दी गई।
महाराज 102 वर्षीय परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज के महापर्यन पर श्रद्धा का महासंगम उम्र पड़ा है हजारों श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भारी इंतजाम किए हैं । आश्रम परिसर और पहुंच मार्गों पर जिला पुलिस और लगभग 600 जवान तैनात किए गए।
रीवा और सतना के तरफ से आने वाले वाहनों के लिए आश्रम से करीब 5 किलोमीटर पहले पार्किंग भी बनाई गई । इसके अलावा हेलीपैड सहित चार स्थानों पर अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की गई।