उज्जैन में दशहरे से पहले रावण दहन को लेकर विवाद गहराया: रावण दहन पर जताया विरोध
संवाददाता
20 September 2025
अपडेटेड: 1:00 PM 0thGMT+0530
20 सितंबर 2025: अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज में रावण दहन पर जताया विरोध
उज्जैन एक पवित्र धार्मिक नगरी है। यहां हर त्यौहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाए जाते हैं। पितृपक्ष समाप्त होने को है और अब नवरात्रि के बाद दशहरे की तैयारी जोरों पर हैं।
दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की विजय और रावण के पुतले को बुराई का प्रतीक मानकर हर वर्ष दशहरे पर जलने का पर्व मनाया जाता है।
किंतु मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल सेवा और अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज में रावण के दहन की परंपरा पर विरोध जताया है। यह विरोध तब अधिक बढ़ गया जब उज्जैन के परशुराम मंदिर में अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज की बैठक हुई। इस बैठक में पूरे देश भर में रावण दहन का विरोध करने का फैसला लिया गया। महाकाल सेवा ने ब्राह्मणों से अपील की कि रावण दहन के कार्यक्रम में हिस्सा ना लें।
क्यों गहराया मामला;
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने रामघाट ,गुदरी चौराहा ,महाकाल घाटी और फ्रीगंज में शिव मंदिर के पास एक पोस्टर लगाया है और इन पोस्टरों में यह सवाल उठाया गया है। कि रावण का दहन क्यों करना चाहिए। इस परंपरा को बंद किया जाए । पिछले वर्ष भी महाकाल सेवा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखकर रावण दहन पर रोक लगाने की मांग की थी।
पोस्टर में है कई सवाल:
पोस्टर में कई सवाल लिखे गए हैं । जैसे रावण का दहन क्यों होना चाहिए। रावण अत्याचारी कैसे हुआ– स्पष्ट करें ! रावण एक महान विद्वान शिव भक्त था और शिव तांडव जैसे अनेक उपयोगी ग्रन्थों की रचना की है
रामेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना करने वाले आचार्य ब्राह्मण का अपमान क्यों होना चाहिए।
श्री राम नारायण को भगवान का अवतार जानकर भी रावण ने अपनी बहन के साथ हुए अत्याचार को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया तो क्या यह गुनाह है।
रावण को मारने पर भगवान श्री राम को भी ब्रह्म हत्या का पाप लगा था । तो रावण दहन में सम्मिलित होने वाले लोगों को भी ब्रह्म हत्या का पाप लगेगा या नहीं। सनातन धर्म के लोग इसका उत्तर देने का कष्ट करें और ब्राह्मण का अपमान करना बंद करें।
इस तरह से महाकाल सेवा और अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज में रावण दहन का विरोध करते हुए शहर में पोस्टर लगाए हैं और सभी ब्राह्मणों से अपील की है कि वह रावण दहन के किसी भी आयोजन में हिस्सा न लें।