भोपाल में दो मस्जिद को हटाने पर विवाद : हिंदू और मुस्लिम संगठन आमने-सामने
संवाददाता
12 September 2025
अपडेटेड: 11:49 AM 0thGMT+0530
12 सितंबर 2025: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बनी दो मस्जिदों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
दो मस्जिद दिलशाक मस्जिद और मोहम्मदी मस्जिद ऐसी मस्जिद है,जो भोपाल में बड़े तालाब के एफटीएल क्षेत्र में बनी हुई है। जिला प्रशासन ने इन्हें सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करार देते हुए इसे हटाने का नोटिस जारी किया है।
इन दोनों मस्जिदों को हटाने को लेकर विवाद गहरा गया है। इसमें हिंदू और मुस्लिम संगठन आमने-सामने आ गए हैं । दोनों संगठनों ने आंदोलन की धमकी दी है।
मुस्लिम संगठनों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है, तो हिंदू संगठन ने भी बड़े आंदोलन करने का अल्टीमेटम दे दिया है।
मुस्लिम संगठनों ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है ,तो वही हिंदू संगठनों ने ऐलान किया है कि यदि मस्जिदों को बचाने की कोशिश की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने भी दी है चेतावनी:
जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यह मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी हुई है । और इसे अतिक्रमण मानते हुए हटाने का नोटिस जारी किया गया है । प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि यदि स्वैच्छिक रूप से ढांचा नहीं हटाया गया तो इसे बेदखल करके बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश के बाद वक्फ बोर्ड ने भी मोर्चा खोलते हुए हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है । बोर्ड का दावा है कि दोनों मस्जिद वक्फ की संपत्ति है। इनके पास वर्षों पुराने कानूनी दस्तावेज मौजूद है।
अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई:
टी टी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा के मुताबिक एनजीटी और पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना के तहत तालाब के 50 मी शहरी और 250 मी ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले सभी अतिक्रमण को चिन्हित कर लिया गया है । और इसको हटाने की कार्रवाई की जा रही है । इन मस्जिदों के अलावा यहां पर अतिक्रमण क्षेत्र में मंदिर और समाधि भी हैं। और इस तरह से कुल 35 अन्य निर्माण भी सूचीबद्ध किए जा चुके हैं और इनको हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
विश्वास सारंग ने कहा:
सहकारिता खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि सरकारी जमीन पर मस्जिदों का निर्माण लैंड जिहाद के लिए किया जाता है । साथ ही यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से आदेश जारी हो गया है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने इसके साथ यह भी कहा कि भोपाल की खूबसूरती इसके तालाब है और किसी भी कीमत पर अतिक्रमण करके इसकी खूबसूरती को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए साफ कहा कि यदि इस तरह की हठधर्मिता दिखाई जाएगी तो इसे सहन नहीं किया जाएगा और एनजीटी के निर्णय का पालन होगा।