किरायेदारों की जानकारी पुलिस को देना हुआ जरूरी: पुलिस ने जारी किया सख्त आदेश

khabar pradhan

संवाददाता

9 September 2025

अपडेटेड: 12:01 PM 0thGMT+0530

किरायेदारों की जानकारी पुलिस को देना हुआ जरूरी: पुलिस ने जारी किया सख्त आदेश

9 सितंबर 2025: भोपाल सहित मध्य प्रदेश में किराएदार और घरेलू नौकर की जानकारी पुलिस को देना अब जरूरी होगा । उनकी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज करना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर मकान मालिक, संचालक और प्रबंधन पर कार्रवाई होगी।
मध्य प्रदेश में लाखों लोग ऐसे हैं जो किराए से रहते हैं । जो मकान को या दुकानों को किराए पर लेते हैं और बहुत बड़ी संख्या में घरेलू कामकाज के लिए नौकर चाकर रखे जाते हैं। पुलिस ने लोगों से गुजारिश की है, किराएदार और घरेलू कामकाज करने वालों का वेरिफिकेशन किया जाए। किंतु अब इस मामले में पुलिस मुख्यालय का रवैया सख्त हो गया है। किराएदार और नौकरों की जानकारी पुलिस को नहीं देने पर मकान मालिक पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
क्योंकि पिछले कई महीनो से ऐसे अपराध हुए हैं ,जिसमें आरोपी किराएदार या घरेलू नौकर रहा है । किंतु पुलिस के पास उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है । अब कानूनी रूप से यह बहुत जरूरी हो गया है।

सुरक्षा की दृष्टि से उठाया कदम:
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है । पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारी मिश्रा ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है, कि शहर के सभी मकान मालिकों, पेइंग गेस्ट संचालकों और छात्रावास प्रबंधन ,यात्रियों को फहराने से पहले लोगों की पूरी जानकारी रजिस्टर्ड में दर्ज करके पुलिस को देना होगा।

नौकरों का भी रिकॉर्ड रखना होगा:
इसके साथ ही घरों में काम करने वाले नौकर चाकर का भी रिकॉर्ड रखना जरूरी है । पुलिस आयुक्त ने कहा कि भोपाल शहर में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए बड़ी संख्या में लोग आते जाते रहते हैं । इसकी आड़ में कई बार आपराधिक तत्व ,आतंकवादी ,कट्टरपंथी संगठन , अवैध प्रवासी भी शहर में निवास करने लगते हैं। ऐसे लोगों की वजह से खतरा बढ़ जाता है।

मध्य प्रदेश की आबादी 8 करोड़ से ज्यादा है। इसमें सिर्फ 16 हजार मकान मालिकों ने अपने किराएदारों की जानकारी पोर्टल पर डाली है । और घरेलू नौकरों की जानकारी केवल 338 ही है । जबकि केवल भोपाल में ही डेढ़ लाख से ज्यादा किराएदार रहते हैं । अब पुलिस का कहना है कि यह जानकारी नहीं देने पर मकान मालिक को जुर्माना और जेल दोनों हो सकता है।

पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई:
भोपाल में आने जाने वाले मुसाफिर जिस होटल में, लॉज में, धर्मशाला में गेस्ट हाउस और रिसॉर्ट में ठहरते हैं, उनकी जानकारी भी प्रॉफार्मा के अनुसार दर्ज करना जरूरी होगा । ऐसा नहीं करने पर मकान मालिक, संचालक और प्रबंधन पर कार्रवाई होगी। रिकॉर्ड दर्ज होने से अपराधियों की और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में आसानी होगी।

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