दिल्ली से पुरानी बसें अब मध्य प्रदेश नहीं आएंगी: स्कूली बच्चों को मिलेगी नई बसें, सफर होगा आसान
संवाददाता
20 September 2025
अपडेटेड: 12:54 PM 0thGMT+0530
20 सितंबर 2025 : मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों को अब मिलेगी नई बसें, सफर होगा आसान
मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के अनुसार स्कूल और कॉलेज में 20 साल तक पुरानी बसों को चलाने की अनुमति रहती थी।
किंतु अब नई परिवहन नीति के अनुसार अब मध्य प्रदेश में भी पुराने और जर्जर स्कूल बसों की जगह अब नई और आधुनिक बस चलेगी। जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। प्रदूषण में कमी आएगी और बेहतर सुरक्षा उपकरण होंगे। जिससे बच्चों को गर्मी, बारिश और धूल से बचाव हो सकेगा।
दिल्ली सरकार के फैसले के अनुसार जिसमें वहां 15 साल पुरानी बसों को चलाने की अनुमति बढ़ाकर 20 साल कर दी गई है। अभी तक दिल्ली में 15 साल पुरानी बसें बंद हो जाती थी। जिसे भोपाल के बस ऑपरेटर इन बसों को खरीद कर स्कूल बस के रूप में चलाते थे । लेकिन अब दिल्ली में यह बसें 20 साल तक चलेंगी । इसलिए वहां से पुरानी बस खरीदना संभव नहीं हो पाएगा।
जिससे भोपाल के ऑपरेटर अब नई बस खरीदने के लिए आगे आएंगे। हाल में ही कुछ नई बस सड़क पर नजर आई है।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर विवेक शर्मा के अनुसार दिल्ली सरकार का यह निर्णय सराहनीय है । आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने बताया कि भोपाल में फिलहाल करीब 1450 स्कूल बस चल रही है। जिसमें से कई बसें 15 साल से ज्यादा पुरानी है ।
अब नई बसें आने से बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी ,प्रदूषण भी कम होगा। नई एसी बसें होंगी ,जो बच्चों को गर्मी ,बारिश और धूल से भी बचाएंगी।
स्कूल बसों के लिए क्या मानक है निर्धारित:
1..स्कूल बसों की बॉडी सुनहरे पीले रंग की होना चाहिए।
2..स्कूल बसों पर कम से कम 150 mm चौड़ा ,सुनहरा ,भूरा रंग का पेंट किया जाए ।जिसमें स्पष्ट रूप से विद्यालय का नाम लिखा होना चाहिए।
3..यदि बस किराए पर ली जाती है तो वहां के पीछे और सामने ऑन स्कूल ड्यूटी लिखना अनिवार्य होगा।
4..सभी स्कूली बसों में गति नियंत्रक उपकरण होना अनिवार्य होगा और अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा होना चाहिए।
5..सभी स्कूल बसों में एक प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स होना अनिवार्य है ।
6..प्रत्येक वाहन में जीपीएस होना अनिवार्य है।
7..प्रत्येक वाहन में अग्निशमन यंत्र का होना अनिवार्य है।
8..सभी वाहनों में स्कूल बैग रखने के लिए उचित स्थान होना चाहिए।
9..सभी स्कूली बसों में या वाहनों में पंजीकरण व्यावसायिक यात्री वाहन के रूप में अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
10..प्रत्येक हर स्कूल बस में दो आपातकालीन द्वार होना अनिवार्य है।
11..सीसीटीवी कैमरे का अनिवार्य रूप से चालू रहना जरूरी है।
12..खिड़कियों पर ग्रिल होना अनिवार्य है।