जबलपुर के सिहोरा में फाइनेंस बैंक डकैती के आरोपी बिहार से गिरफ्तार

khabar pradhan

संवाददाता

2 September 2025

अपडेटेड: 9:42 AM 0ndGMT+0530

जबलपुर के सिहोरा में फाइनेंस बैंक डकैती के आरोपी बिहार से गिरफ्तार

11 अगस्त को इसाफ( ESAF) स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई थी बैंक डकैती

2 सितंबर 2025 : खबर प्रधान डेस्क-
मध्य प्रदेश के जबलपुर के सिहोरा में ESAF फाइनेंस बैंक में 11 अगस्त 2025 को एक बड़ी बैंक डकैती हुई थी। जिसमें करीब 14 किलो 800 ग्राम सोने की डकैती हुई थी।
11 अगस्त की सुबह 9:00 बजे करीब पांच बदमाश दो मोटरसाइकिल से बैंक पहुंचे थे । जिसमें से हथियारों के बल पर सभी कर्मचारियों को बंधक बनाकर और महिला कर्मचारी से स्ट्रांग रूम खुलवाकर करीब 14 किलो सोना और 5.70 लाख रुपए नगद लूटकर 15 मिनट में ही फरार हो गए थे। 14 किलो 800 ग्राम सोने की कीमत करीब 15 करोड रुपए बताई जा रही है।

पुलिस को मिली बड़ी सफलता:
पुलिस ने बिहार के गया से दो डकैत राजेश दास उम्र 38 वर्ष उर्फ आकाश और इंद्रजीत दास उम्र 26 वर्ष उर्फ सागर को गिरफ्तार किया।
इस वारदात के बाद आईजी प्रमोद वर्मा ,डीआईजी अतुल सिंह और एसपी संपत उपाध्याय ने एक विशेष जांच दल बनाया और 30 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया। इसके बाद कई राज्यों में दबिश भी दी गई।
पहले पुलिस को रईस लोधी की गिरफ्तारी से एक सुराग मिला इसके बाद इंद्रजीत और राजेश दास को पुलिस ने पकड़ा। इसमें से राजेश ने यह कबूल किया कि उसे 3 किलो सोना और ₹50 हजार मिले । जिसे उसने खेत में छुपा दिया।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया ।राजेश दास गैंग का सरगना बताया जा रहा है जो कई राज्यों में कई बैंक डकैतियों में शामिल भी रहा है।

राजेश दास 18 जून 2025 को रायगढ़ जेल से ही छूटा था और दो महीने के भीतर ही उसने यह बैंक डकैती को अंजाम भी दे दिया ।
उसके खिलाफ बिहार ,उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में एक दर्जन से ज्यादा डकैती और लूटपाट के मामले दर्ज हैं।

क्राइम ब्रांच ने इस पूरे मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया । जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम की कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को बिहार से जबलपुर लेकर आई है। जहां आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है । यह दोनों आरोपी कुख्यात अपराधी बताये जा रहे हैं । इन पर बिहार ,झारखंड समेत कई प्रदेशों में मामले दर्ज हैं।

एस टी एफ के द्वारा इस पूरे मामले की जांच शुरू की गई । इसमें पता चला कि जबलपुर के पाटन का रहने वाला रईस लोधी इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड है। इसने सोनू वर्मा हेमराज सिंह और विकास चक्रवर्ती के साथ इस पूरी डकैती की योजना बनाई और यह योजना छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जेल में रहते हुए बनाई गई थी। इस योजना में स्थानीय स्तर पर भी कुछ विश्वासपात्र लोगों को भी जोड़ा गया। इसमें बैंक की सुरक्षा व्यवस्था कर्मचारियों की दिनचर्या और आसपास की गतिविधियों पर बारीकी से नजर भी रखी गई। रईस और उसके साथी इन सब अपराध में शातिर बताए जाते हैं । घटना के बाद सभी ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे जिससे उनकी लोकेशन पता ना चल सके।

कई गंभीर मामले राजेश दास पर हैं दर्ज:
आरोपी राजेश दास ने यह बताया कि वह 18 जून 2025 को ही जेल से रिहा हुआ है और 11 अगस्त को ही डकैती की घटना को अंजाम दे दिया गया । बैंक डकैती जैसी घटनाओं को वह साल 2011 से करता आ रहा है।
आरोपी राजेश दास के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं ।

रईस लोधी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सुराग के आधार पर विशेष टीम गठित की जिससे पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली।

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