इंदौर में 35 साल पुरानी तीन मंजिला इमारत ढही: आ रही चीखने की आवाज!
संवाददाता
23 September 2025
अपडेटेड: 11:50 AM 0rdGMT+0530
22 सितंबर 2025 : इंदौर शहर के रानीपुर दौलतगंज में सोमवार रात करीब 9:12 बजे एक तीन मंजिला मकान भर भरा कर ढह गया।
यह मकान मोहम्मद उमर का बताया जा रहा है और इस मकान में एक ही खानदान के तीन परिवार रहते थे।
बताया जा रहा है कि मकान पहले तिरछा हुआ और फिर भर भरा कर गिर गया और लोग अंदर दब गए। घटना के समय घर में महिला, बच्चे और बुजुर्ग थे । पूरी बिल्डिंग के गिरने से इलाके में सनसनी फैल गई। हर तरफ चीख पुकार मच गई । स्थानीय लोग मदद करने पहुंचे। नगर निगम और प्रशासनिक अमले ने बचाव कार्य शुरू किया।
यह बचाव कार्य रात 1:20 तक चला। इस बचाव कार्य में तीन माह की बच्ची और 7 साल का बच्चा और करीब 12 घायल लोगों को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। इसमें 20 साल की एक महिला की मौत हो गई । कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका बताई जा रही है । मलबे में एक किशोरी आफरीन पूरी तरह फंसी हुई थी और उसका पैर काटकर उसे निकालना पड़ा।
बताया जा रहा है कि मकान के निचले हिस्से में दो गोदाम थे । रात करीब 8:00 बजे सभी कर्मचारी गोदाम बंद कर चले गए थे । और एक घंटे के बाद ही पूरा मकान भर भराकर गिर गया। आसपास के पड़ोसी इलियास ने बताया कि सभी स्थानीय लोगों ने पुलिस और निगम को सूचना दी। और घायलों को तुरंत निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया ।जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ और अभी भी मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका बताई जा रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि यह हादसा दिन में होता तो 25 से 30 लोगों की जान और भी जा सकती थी क्योंकि गोदाम में कई कर्मचारी काम करते थे।
मलबे में फंसे कई लोग:
मकान के गिरने के कारण चार परिवार के 13 लोग दब गए । पुलिस करीब 10 से 15 मिनट बाद पहुंची और नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंच गई । करीब 4 घंटे के बाद 12 घायलों को मलबे से निकाला गया। इनमें से एक महिला अलीफा जिसकी उम्र 20 वर्ष के आसपास थी ,उसकी मौत हो गई । फहीमुद्दीन अंसारी का शव रात में 2:00 बजे तक मलबे में दबा रहा ।
मलबे में दबे लोगों की चीख सुनाई दे रही थी । भारी मलबा हटाना बेहद कठिन काम था। फिर भी नगर निगम और प्रशासन ने मात्र 4 घंटे में मलबे को हटा दिया । बताया जा रहा है कि 1990 में यह मकान शम्मू मामा और शम्मू अंसारी का था ।इसमें चार परिवार के 17 से ज्यादा लोग रह रहे थे।