महाकाल मंदिर: गर्भग्रह में आम भक्तों के प्रवेश पर रोक, हाई कोर्ट का आदेश

khabar pradhan

संवाददाता

2 September 2025

अपडेटेड: 1:48 PM 0ndGMT+0530

महाकाल मंदिर: गर्भग्रह में आम भक्तों के प्रवेश पर रोक, हाई कोर्ट का आदेश

2 सितंबर 2025: उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में वीआईपी दर्शन के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का बड़ा फैसला आया है…. कोर्ट ने उज्जैन कलेक्टर के आदेश को सही मानते हुए स्थिति ऐसी ही बनाए रखने का निर्देश दिये हैं. यानि आम भक्तों को महाकाल गर्भगृह में फिलहाल प्रवेश नहीं मिलेगा …. लेकिन वीआईपी को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति है….इसे आम भक्तों की भावनाओं के साथ अन्याय बताया गया था.

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में आम भक्तों और वीआईपी भक्तों को लेकर भेदभाव पर की गई याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि गर्भ ग्रह में किसे VIP माना जाए, यह पूरी तरह से सक्षम अधिकारी यानी कलेक्टर के विवेक पर निर्भर है। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा कि किसी भी वैधानिक अधिनियम यानी किसी भी नियम में वीआईपी की परिभाषा नहीं होती है। इसलिए किसी विशेष दिन या किसी व्यक्ति को यदि कलेक्टर अनुमति देता है तो उसे वीआईपी माना जाएगा। इस संबंध में ना तो कोई स्थाई सूची है और ना ही कोई प्रोटोकॉल ।
यह व्यवस्था केवल महाकाल मंदिर की ही नहीं बल्कि देश के सभी धार्मिक स्थल पर लागू होती है।

इसी वीआईपी सुविधा को चुनौती देते हुए इंदौर निवासी दर्पण अवस्थी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जिसमें कहा गया कि देशभर से लाखों भक्त उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें केवल बाहर से ही दर्शन करके निराश हो जाते हैं जबकि वीआईपी सीधे गर्भगृह में प्रवेश कर पूजा-अर्चना करते हैं.
उनका तर्क था कि दूर-दराज से आने वाले आम श्रद्धालुओं को गर्भ ग्रह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। जबकि नेताओं पदाधिकारी और विशेष व्यक्तियों को VVIP मानकर प्रवेश दिया जाता है ।अदालत ने यह स्पष्ट किया कि ऐसा प्रतीत होता है याचिका कर्ता स्वयं व्यक्तिगत व्यथा के कारण याचिका दायर कर रहे हैं। इसीलिए इसे खारिज किया जाता है।‌ अदालत की टिप्पणी से स्पष्ट हो गया कि महाकाल मंदिर में गर्भ गृह प्रवेश पूरी तरह से सक्षम अधिकारी या कलेक्टर के विवेक पर निर्भर करेगा।लेकिन कोर्ट के इस आदेश से आम भक्तों की निराशा जरूर बढ़ी है ।

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