ममता बनर्जी का PM की रैली पर तीखा हमला
संवाददाता
31 May 2025
अपडेटेड: 12:32 PM 0stGMT+0530
Mamata Banerjee's sharp attack on the PM's rally
झूठ का जाल बुनने वालों को बंगाल की जनता देगी जवाब
पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर तूफान खड़ा हो गया है। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री की हालिया रैली पर तीखा हमला बोला है। कोलकाता में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “हमारी सरकार के खिलाफ झूठ का जाल बुना जा रहा है। बंगाल की जनता को गुमराह करने की साजिश रची जा रही है, लेकिन बंगाल का शेर इन झूठों को चीर देगा।” उनके इस बयान ने न केवल सियासी हलकों में हलचल मचाई, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह खबर आग की तरह फैल गई। ममता के इस तीखे हमले ने 2025 के सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है, खासकर तब जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो रही है।
“बंगाल को बदनाम करने की साजिश”
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री की रैली को निशाना बनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार और उनकी पार्टी बंगाल की प्रगति को देखकर बौखला गई है। उन्होंने आरोप लगाया, “बंगाल में हमारी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है। लेकिन कुछ लोग झूठे नैरेटिव बनाकर हमारी छवि खराब करना चाहते हैं।” ममता ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार बंगाल को मिलने वाली योजनाओं के फंड रोक रही है, जिससे राज्य की जनता को परेशानी हो रही है। “हमारी सरकार जनता के लिए दिन-रात काम करती है, लेकिन केंद्र का रवैया बंगाल के साथ सौतेला है,” उन्होंने तंज कसते हुए कहा।
PM की रैली पर ममता का तंज
प्रधानमंत्री की हालिया रैली में बंगाल के विकास और कानून-व्यवस्था पर उठाए गए सवालों पर ममता ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “रैली में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में बंगाल को कुछ नहीं मिलता। केवल झूठ और जुमलों का खेल चल रहा है।” ममता ने यह भी कहा कि बंगाल की जनता समझदार है और वह इन “झूठे वादों” में नहीं फंसेगी। “बंगाल का हर बच्चा, हर मां, हर युवा जानता है कि दीदी उनके साथ है। हम झूठ के इस खेल को नाकाम करेंगे,” उन्होंने जोश के साथ कहा। इस बयान ने सभा में मौजूद हजारों समर्थकों में उत्साह भर दिया, और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा।
“बंगाल की शक्ति, दीदी की ताकत”
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में बंगाल की सांस्कृतिक और सामाजिक ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “बंगाल वह धरती है, जहां रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसे महान लोग पैदा हुए। यह धरती झूठ और साजिश को कभी बर्दाश्त नहीं करती।” ममता ने अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि TMC ने बंगाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के लिए कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। “कन्याश्री, रूपश्री और लक्ष्मी भंडार जैसी योजनाओं ने बंगाल की महिलाओं को सशक्त किया है। हमने बंगाल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है,” उन्होंने गर्व के साथ कहा।
सोशल मीडिया पर ममता की गूंज
ममता बनर्जी के इस बयान ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। उनके समर्थकों ने “झूठ का जाल” और “बंगाल का शेर” जैसे नारों को खूब शेयर किया। एक यूजर ने लिखा, “ममता दीदी ने फिर दिखा दिया कि बंगाल की जनता उनके साथ है। झूठ और साजिश का जवाब बंगाल की ताकत से मिलेगा।” वहीं, कुछ विपक्षी समर्थकों ने इसे सियासी नौटंकी करार दिया, लेकिन ममता के इस जोशीले भाषण ने बंगाल की सियासत में एक नया रंग भर दिया। उनके बयान ने यह साफ कर दिया कि वे 2025 के चुनाव में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
केंद्र-राज्य टकराव का नया दौर
ममता बनर्जी का यह बयान केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच चल रहे तनाव का एक और अध्याय है। उन्होंने केंद्र सरकार पर बंगाल को विकास योजनाओं में अनदेखा करने का आरोप लगाया। “केंद्र हमें फंड नहीं देता, फिर भी हम अपनी मेहनत और लगन से बंगाल को आगे ले जा रहे हैं। बंगाल की जनता को कोई रोक नहीं सकता,” उन्होंने कहा। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर गलत तस्वीर पेश कर रही है। “बंगाल में शांति है, विकास है। जो लोग इसे बदनाम करना चाहते हैं, वे कभी कामयाब नहीं होंगे,” उन्होंने दो टूक कहा।
2025 चुनाव की तैयारी में ममता
पश्चिम बंगाल में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, और ममता बनर्जी का यह भाषण उनकी सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों को एकजुट रहने का आह्वान किया और कहा, “बंगाल की जनता ही मेरी ताकत है। हम मिलकर हर साजिश को नाकाम करेंगे।” ममता ने यह भी कहा कि उनकी सरकार अगले पांच साल में बंगाल को विकास के नए शिखर पर ले जाएगी। “हमने वादा किया था, और हमने उसे पूरा किया। अब और बड़े सपने बंगाल के लिए तैयार हैं,” उन्होंने जोश के साथ कहा।
ममता की हुंकार, बंगाल की ताकत
ममता बनर्जी का यह बयान न केवल प्रधानमंत्री की रैली पर एक तीखा हमला था, बल्कि यह बंगाल की जनता में जोश और विश्वास जगाने का एक प्रयास भी था। उनके शब्दों ने एक बार फिर साबित किया कि वे बंगाल की सियासत की धुरी हैं। “झूठ का जाल” और “बंगाल का शेर” जैसे बयानों ने न केवल उनके समर्थकों में उत्साह भरा, बल्कि यह भी दिखाया कि ममता किसी भी सियासी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह भाषण 2025 के चुनावी माहौल को और गर्म करने वाला है, और यह साफ है कि ममता बनर्जी बंगाल की जनता के साथ मजबूती से खड़ी हैं।